दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में हुए ₹650 करोड़ के महाघोटाले पर आम आदमी पार्टी का बड़ा प्रदर्शन। मुख्य आरोपी राजीव रंगीला के देश छोड़ने पर सरकार से पूछे तीखे सवाल।
देश की राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य महकमे से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है, जिसे लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल के बाहर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। ‘आप’ ने आरोप लगाया है कि मौजूदा शासन तंत्र के तहत दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में करीब ₹650 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट है, जिसे छिपाने के लिए प्रशासन आँखें मूंद कर बैठा रहा।
‘एक महीने तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही रेखा गुप्ता सरकार’
इस घोटाले की सबसे हैरान करने वाली और गंभीर बात यह है कि मामले का मुख्य आरोपी कानून की गिरफ्त से दूर भागने में सफल रहा है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) और दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
AAP का तीखा हमला: “भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की एफआईआर के हर पन्ने पर जिस मुख्य आरोपी का नाम दर्ज है, उसे एक महीने तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जब पूरी आम आदमी पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लगातार राजीव रंगीला को गिरफ्तार करने की मांग कर रही थी, तब रेखा गुप्ता सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। नतीजा यह हुआ कि मुख्य आरोपी राजीव रंगीला आराम से देश छोड़कर जर्मनी भाग गया।”
दवाइयों से लेकर बेडशीट तक की खरीद में भारी हेरफेर
एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई FIR के मुताबिक भाजपा राज में दिल्ली के अंदर लगभग ₹650 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला हुआ है।
विडंबना देखिए कि मुख्य आरोपी राजीव रंगीला फरार हो चुका है। क्योंकि रेखा गुप्ता सरकार एक महीने तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
हमारी मांग है कि आरोपी को… pic.twitter.com/inpcntoBCJ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 6, 2026
आम आदमी पार्टी ने इस घोटाले की परतें खोलते हुए बताया कि भ्रष्टाचार केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीजों के हक पर सीधा डाका डाला गया है। अस्पतालों के लिए खरीदे जाने वाले जरूरी मेडिकल उपकरणों, जीवनरक्षक दवाइयों और मरीजों के बिस्तरों पर बिछने वाली सामान्य बेडशीट तक की खरीद में करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया है।
पार्टी के मुताबिक, जो निविदाएं (Tenders) वाजिब और कम दामों पर हो सकती थीं, उन्हें मिलीभगत करके कई गुना अधिक और बढ़ा-चढ़ा कर दिखाई गई कीमतों (Inflated Rates) पर कुछ चुनिंदा सप्लायरों को दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कुछ रसूखदार अधिकारियों और निजी ठेकेदारों का एक बड़ा नेक्सस काम कर रहा था, जिसे कथित तौर पर सरकार का मूक संरक्षण प्राप्त था।
‘विजय माल्या और नीरव मोदी की तर्ज पर मुख्य आरोपी को भगाया’
विरोध प्रदर्शन में शामिल आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े घोटाले के मुख्य किरदार को इस तरह देश से सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता दिया गया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव रंगीला को ठीक उसी तरह से देश छोड़ने की छूट दी गई जैसे पहले विजय माल्या और नीरव मोदी को भागने का मौका मिला था।
‘आप’ ने मांग की है कि इस पूरे मामले की बिना किसी पक्षपात के त्वरित जांच हो, फरार हो चुके मुख्य आरोपी को तुरंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क करके वापस भारत लाया जाए, और इस ₹650 करोड़ की लूट में शामिल हर एक छोटे-बड़े चेहरे को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। जब तक दिल्ली की जनता को उनके टैक्स के पैसे का पूरा हिसाब नहीं मिल जाता, आम आदमी पार्टी का यह आंदोलन थमेगा नहीं।