अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी और जमीन खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री को घेरा। पूछा- असली चेहरों पर कार्रवाई कब?
अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण और श्रद्धालुओं द्वारा दी गई आस्था की गाढ़ी कमाई में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीधे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह घोटाला केवल पैसों की हेरफेर नहीं, बल्कि देश के करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था के साथ किया गया एक विश्वासघात है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों इस महाघोटाले के असली गुनहगारों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है?
“छोटे मोहरे जेल में, बड़ी मछलियां बाहर आज़ाद घूम रही हैं”
आपने नितिन जी के बारे में जानकारी दी, इसके लिए शुक्रिया।
प्रधानमंत्री जी, पूरा देश जानना चाहता है की श्री राम मंदिर में हुई चोरी, ज़मीन घोटाले और निर्माण में कमीशन खोरी करने वालों को क्यो बचाया जा रहा है। उन्हें सख़्त सज़ा कब मिलेगी? https://t.co/h4dx3vf3M0
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 6, 2026
राम मंदिर ट्रस्ट में हुए करोड़ों रुपये के चंदा घोटाले की चल रही जांच को अरविंद केजरीवाल ने एक सोची-समझी ‘लीपापोती’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा जिन आठ-नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे केवल छोटे प्यादे और मोहरे हैं।
केजरीवाल का सीधा सवाल: “मंदिर के गर्भगृह और दानपेटियों से करोड़ों का कैश, सोना, चांदी और कीमती हीरे चोरी हो गए। ये छोटे कर्मचारी अपनी मर्जी से इतना बड़ा घोटाला नहीं कर सकते। मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि आखिर किसके दबाव में राम मंदिर ट्रस्ट के उन शक्तिशाली और रसूखदार पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है, जिन्हें खुद पीएम ने इस ट्रस्ट में नियुक्त किया था?”
जमीन खरीद में ‘40% कमीशन’ और करोड़ों का लैंड स्कैम
आम आदमी पार्टी ने केवल चंदा चोरी ही नहीं, बल्कि मंदिर निर्माण से जुड़े अन्य आर्थिक घोटालों की परतें भी खोलीं। अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में जमीन खरीद के नाम पर बड़ा लैंड स्कैम (जमीन घोटाला) हुआ है। आम आदमी पार्टी के मुताबिक, कुछ साल पहले जो जमीन महज ₹2 करोड़ में खरीदी गई थी, उसे कुछ ही मिनटों के भीतर राम मंदिर ट्रस्ट को ₹18.5 करोड़ में बेच दिया गया। इसके अलावा, मंदिर निर्माण के टेंडर्स और कॉन्ट्रैक्ट्स में ‘40% तक कमीशन’खोरी का खेल चल रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ उत्तर प्रदेश की सरकार छोटी-छोटी बातों पर लोगों के घरों पर बुलडोज़र चला देती है, तो वहीं दूसरी तरफ भगवान राम के चंदे पर डाका डालने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बुलडोज़र कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग
‘आप’ प्रमुख ने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि जब तक इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी स्वतंत्र एजेंसी से नहीं कराई जाती, तब तक सच सामने नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा का मीडिया इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है, इसलिए आम आदमी पार्टी जनता के बीच जाकर इस आवाज़ को तब तक उठाएगी, जब तक हर एक भ्रष्टाचारी को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती और प्रभु राम के दरबार को इन लुटेरों से मुक्त नहीं करा लिया जाता।