यमुना सफाई अभियान पर गरमाई सियासत: ‘आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा को बताया ‘रील-सेंट्रिक’ पार्टी

यमुना सफाई अभियान पर गरमाई सियासत: 'आम आदमी पार्टी' ने भाजपा को बताया 'रील-सेंट्रिक' पार्टी

‘आम आदमी पार्टी’ ने यमुना सफाई अभियान को लेकर भाजपा पर फोटो-ऑप और दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया है। जानें क्या है पूरा मामला और ‘आप’ ने किन दावों पर सवाल उठाए हैं।

दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर शुरू हुआ ‘मां यमुना रिवरबैंक स्वच्छता अभियान’ अब राजनीतिक रस्साकशी का केंद्र बन गया है। इस अभियान को लेकर ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे महज एक ‘दिखावे का अभियान’ और ‘प्रचार की राजनीति’ करार दिया है।

‘फोटो-ऑप’ की राजनीति का आरोप

‘आम आदमी पार्टी’ के नेताओं का कहना है कि घाटों के किनारे सफाई का अभियान एक कॉस्मेटिक उपाय (Cosmetic measure) के अलावा कुछ नहीं है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा नेता जब भी किसी मुद्दे पर घिरते हैं, तो वे यमुना किनारे अपनी कैमरा टीम के साथ पहुँच जाते हैं। ‘आप’ का कहना है कि सिर्फ किनारों को चमकाने से यमुना का वर्षों से दूषित पानी साफ नहीं हो जाएगा और न ही इससे नदी की पारिस्थितिकी में कोई सुधार आएगा।

प्रदूषण और चुनावी वादों पर सवाल

‘आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने ‘युद्ध स्तर’ पर यमुना को साफ करने का वादा किया था। पार्टी के अनुसार, डेढ़ साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है और नदी का पानी अभी भी काला और जहरीला बना हुआ है। ‘आप’ नेताओं का तर्क है कि भाजपा की प्रतिबद्धता केवल घाटों को साफ दिखाने तक सीमित रह गई है, जबकि सच्चाई यह है कि सीवर और औद्योगिक कचरा अभी भी बिना उपचार के सीधे नदी में गिराया जा रहा है।

‘दिखावे का अभियान’ बनाम ठोस समाधान

‘आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा के 28 घाटों पर चलाए गए सफाई अभियान को पूरी तरह से विफल और दिखावटी करार दिया है। पार्टी का मानना है कि मीडिया में सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में दिल्ली की जनता को साफ पानी और प्रदूषण मुक्त यमुना अभी भी नसीब नहीं हुई है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा एक ‘रील-सेंट्रिक’ पार्टी बन गई है, जिसे ठोस समाधान ढूंढने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि वे केवल अपनी छवि सुधारने के लिए रिवरबैंक पर ड्रामा कर रहे हैं।

पड़ोसी राज्यों की अनदेखी का मुद्दा

‘आम आदमी पार्टी’ ने यह भी आरोप लगाया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकारें लगातार यमुना में अनट्रीटेड वेस्ट (Untreated Waste) बहा रही हैं, जिसे रोकने की दिशा में भाजपा कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ‘आप’ ने मांग की है कि यदि भाजपा वाकई यमुना को लेकर गंभीर है, तो उसे केवल दिल्ली के घाटों पर रील बनाने के बजाय पड़ोसी राज्यों में हो रहे प्रदूषण पर नियंत्रण पाना चाहिए।

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