पांडव कुमार हत्या मामला: जिनके समर्थन से बीजेपी सत्ता में, उन्हीं बिहारी भाइयों से नफरत क्यों? – AAP का हमला

पांडव कुमार हत्या मामला: जिनके समर्थन से बीजेपी सत्ता में, उन्हीं बिहारी भाइयों से नफरत क्यों? - AAP का हमला

दिल्ली में बिहारी युवक पांडव कुमार की पुलिसकर्मी द्वारा हत्या पर AAP ने भाजपा को घेरा। पार्टी ने इसे ‘बिहारी अस्मिता’ पर हमला और भाजपा की नफरत भरी राजनीति का परिणाम बताया।

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में बिहार के खगड़िया निवासी 21 वर्षीय पांडव कुमार की हत्या ने एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल द्वारा की गई इस हत्या को भाजपा की ‘नफरत की राजनीति’ का परिणाम बताया है।

 

“बिहारी होने की सजा मौत?”: भाजपा की नीतियों पर गंभीर सवाल

आम आदमी पार्टी ने पांडव कुमार की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा और केंद्र सरकार को घेरे में लिया है। आप नेताओं का कहना है कि जिस पूर्वांचल और बिहारी समुदाय के समर्थन से भाजपा दिल्ली और देश की सत्ता तक पहुँची, आज उसी समुदाय के प्रति नफरत का माहौल क्यों बनाया जा रहा है? पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के आरोपी हेड कांस्टेबल नीरज ने पांडव और उसके दोस्तों पर हमला करने से पहले उनके “बिहारी होने” और “भोजपुरी बोलने” पर आपत्ति जताई थी और अभद्र गालियां दी थीं। यह घटना न केवल एक हत्या है, बल्कि ‘बिहारी अस्मिता’ पर सीधा प्रहार है।

रक्षक ही बना भक्षक: दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

नजफगढ़ के जाफरपुर कलां में 26 अप्रैल की रात को हुई इस वारदात ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। चश्मदीदों के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मी ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से पांडव को गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया है कि गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस के जवान इतने बेखौफ और नफरत से भरे कैसे हो सकते हैं? “जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे ही अगर भाषाई और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर गोलियां चलाने लगें, तो आम आदमी कहाँ सुरक्षित है?”

गरीब परिवार का इकलौता सहारा था पांडव

पांडव कुमार दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता था और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता और भाई टीबी (Tuberculosis) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही थी क्योंकि वह विभाग का ही हिस्सा है। हालांकि, भारी दबाव के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार और निलंबित कर दिया गया है। बिहार सरकार ने मृतक के परिजनों को ₹8 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है, लेकिन आप ने इसे नाकाफी बताते हुए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

पूर्वांचलियों के प्रति भाजपा का दोहरा मापदंड

आप ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेता बिहारी और पूर्वांचली वोटरों के घर जाकर खाना खाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हीं के खिलाफ नफरत फैलाते हैं। “भाजपा को सिर्फ वोट से मतलब है, बिहारी भाइयों के खून और पसीने की कोई कीमत नहीं है।” पार्टी ने मांग की है कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली जैसे महानगर में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी क्षेत्रीय पहचान के आधार पर भेदभाव या हिंसा न हो।

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