आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में जलभराव और कचरे को लेकर BJP पर साधा निशाना। AAP का आरोप- भाजपा सिर्फ ‘तमाशा पार्टी’ है, नालियों की सफाई के नाम पर जनता को ठगा जा रहा है।
दिल्ली में मानसून की भारी बारिश के बीच नगर निगम और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘तमाशा पार्टी’ करार दिया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित क्षेत्रों और उनके नेताओं के दावों के विपरीत जमीन पर स्थिति बेहद दयनीय है। कई इलाकों में तो नालियों की सफाई तक नहीं की गई है, और जहां दिखावे के लिए सफाई की भी गई, वहां मलबे और कचरे को सड़कों पर ही छोड़ दिया गया। इस लापरवाही के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है और जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई के नाम पर केवल फोटो खिंचवाने का आरोप
भाजपा मतलब ‘नौटंकी’ पार्टी..
कहीं नालियाँ साफ ही नहीं की तो कहीं साफ करी तो कचरा पीछे ही छोड़ गए। ये कैसी निकम्मी सरकार है!
📍द्वारका, दिल्ली pic.twitter.com/ZYrynNpMpN
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 9, 2026
आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपा सिर्फ विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर चमकने वाली सरकार है। जमीनी हकीकत यह है कि दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में जलभराव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आप नेताओं ने कहा, “भाजपा के नेता केवल वीआईपी दौरों का नाटक करते हैं। वे कैमरों के सामने आकर निरीक्षण का ढोंग रचते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि नाले गाद (सिल्ट) से भरे पड़े हैं। जनता टैक्स दे रही है, लेकिन उन्हें बदले में सिर्फ जलजमाव और गंदगी मिल रही है। यह पूरी तरह से एक नाकाम और निकम्मी व्यवस्था का उदाहरण है।”
‘आधा काम’ जनता के लिए बना बड़ी मुसीबत
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के विभिन्न वार्डों का हवाला देते हुए कहा कि जहां कहीं भी दबाव में आकर काम शुरू किया गया, वहां ‘आधा-अधूरा’ काम करके छोड़ दिया गया। नालियों से निकाली गई गंदगी और गाद को सड़कों के किनारे ही ढेर लगा दिया गया। भारी बारिश के कारण वह सारा कचरा बहकर वापस नालियों में चला गया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। सड़कों पर पड़े कचरे के कारण राहगीरों का चलना दूभर हो गया है और महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।