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अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का एफआरआरओ नोटिस मिलने की खबर के बीच उनकी नागरिकता पर पुराने बयान चर्चा में हैं। जानिए अमेरिकी नागरिकता, भारतीय पासपोर्ट और कानूनी चुनौती से जुड़ा पूरा मामला।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इन दिनों अपनी नागरिकता और भारत में रहने से जुड़े मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। मुंबई में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद अभिनेता को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिलने की खबर सामने आई है। इस मामले के बाद उनकी नागरिकता को लेकर पुरानी चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक इमरान खान ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर ओसीआई नियमों और वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है। हालांकि, इन आरोपों और नोटिस से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित अधिकारियों और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है। इस बीच इमरान खान के पुराने साक्षात्कार सोशल मीडिया और समाचारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। इन साक्षात्कारों में अभिनेता ने अमेरिकी नागरिक होने, भारतीय पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश और भारत के प्रति अपने जुड़ाव को लेकर खुलकर बात की थी। अब लोग उनके पुराने बयानों को मौजूदा विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
इमरान खान के पुराने बयान क्यों हो रहे हैं वायरल?
इमरान खान ने साल 2009 में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए एक साक्षात्कार में अपनी अमेरिकी नागरिकता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि बहुत कम लोग जानते हैं कि वह अमेरिकी नागरिक हैं और उन्होंने बराक ओबामा के लिए भी मतदान किया था। उस समय ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर चुके थे। इमरान ने अपने साक्षात्कार में मतदान के महत्व पर भी जोर दिया था। उनका मानना था कि मतदान के जरिए भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से बाहर किया जा सकता है और युवा नेताओं को बदलाव का अवसर दिया जा सकता है।
अभिनेता ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के बाद उठे कुछ सुझावों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने कर न चुकाने की बात कही थी, लेकिन उनके अनुसार ऐसा करना किसी समस्या का समाधान नहीं था। इमरान का यह बयान उस समय नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की भागीदारी को लेकर उनकी सोच को सामने लाता है। मौजूदा विवाद के बीच उनके इसी पुराने साक्षात्कार को फिर से चर्चा में लाया जा रहा है।
2011 में भारतीय पासपोर्ट हासिल करना चाहते थे अभिनेता
साल 2011 में इमरान खान ने ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत के दौरान बताया था कि वह भारतीय पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इसके लिए आधिकारिक प्रक्रिया चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें पासपोर्ट मिल जाएगा। उस समय अभिनेता ने भारत के प्रति अपने जुड़ाव को जाहिर करते हुए कहा था कि उन्हें अपने देश की सेवा करना अपना कर्तव्य लगता है।
इमरान ने यह भी स्पष्ट किया था कि भारतीय नागरिक नहीं होने के कारण वह यहां मतदान नहीं कर सकते, लेकिन चुनावों के दौरान लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि वह इस देश का हिस्सा हैं। उनके इस बयान को अब उनकी नागरिकता से जुड़े मौजूदा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, भारतीय पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश करने संबंधी उनका पुराना बयान अपने आप में यह प्रमाणित नहीं करता कि बाद में उनकी नागरिकता की स्थिति में कोई बदलाव हुआ था या नहीं।
2013 में भी मतदान के अधिकार पर की थी बात
इमरान खान ने साल 2013 में ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के साथ बातचीत में भी अपनी नागरिकता और मतदान के अधिकार पर विचार साझा किए थे। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नागरिक होने के कारण भारत में मतदान नहीं कर पाना उनके लिए निराशाजनक था। अभिनेता के मुताबिक, वह अन्य तरीकों से इस कमी को पूरा करने की कोशिश करते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि अगर वह 20 लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर पाते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने अपना योगदान दिया है।
इन बयानों से पता चलता है कि इमरान खान पहले भी भारतीय राजनीति और नागरिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखते रहे हैं। हालांकि, मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के कानूनी नियम अलग-अलग हो सकते हैं। किसी विदेशी नागरिक या ओसीआई कार्डधारक पर कौन-से नियम लागू होते हैं, यह उसकी वास्तविक कानूनी स्थिति और संबंधित गतिविधि पर निर्भर करता है।
अमेरिका में हुआ था इमरान खान का जन्म
इमरान खान का जन्म अमेरिका में हुआ था। उनके माता-पिता नुजहत खान और अनिल पाल उस समय वहां पढ़ाई कर रहे थे। माता-पिता के अलग होने के बाद इमरान अपनी मां के साथ मुंबई आ गए थे। उस समय उनकी उम्र लगभग तीन साल थी। इसके बाद उनका बचपन और जीवन भारत में बीता और उन्होंने हिंदी फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाई।
इमरान खान ने फिल्मों में अपने अभिनय से लोकप्रियता हासिल की और एक दौर में युवा दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उनकी निजी जिंदगी और फिल्मी करियर को लेकर प्रशंसकों की दिलचस्पी हमेशा बनी रही है। मौजूदा मामले ने एक बार फिर उनकी जन्मभूमि, नागरिकता और भारत से उनके संबंधों को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है।
एफआरआरओ के नोटिस को अदालत में चुनौती देने की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इमरान खान एफआरआरओ के उस नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनकी कानूनी टीम शुक्रवार या सोमवार तक याचिका दाखिल कर सकती है। इस निर्देश को कथित तौर पर कठोर कदम बताते हुए चुनौती देने की योजना है। हालांकि, याचिका दाखिल होने और अदालत की ओर से कोई आदेश जारी किए जाने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
इस मामले में अभिनेता को फिल्म जगत के कुछ लोगों और प्रशंसकों का समर्थन भी मिल रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोग अपनी राय साझा कर रहे हैं। वहीं, भाजपा नेता किरीट सोमैया की ओर से लगाए गए आरोपों और एफआरआरओ की कार्रवाई को लेकर भी चर्चा जारी है।
फिलहाल, इमरान खान की नागरिकता और भारत में उनके रहने से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। उनके पुराने बयानों से उनकी तत्कालीन सोच और नागरिकता संबंधी स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है, लेकिन मौजूदा विवाद का अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक दस्तावेजों, लागू नियमों और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।