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शेफाली वर्मा सितंबर 2026 की आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुनी गई हैं। उन्होंने एशिया कप और एशियन गेम्स के सात मैचों में 360 रन बनाए, जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन का शतक भी शामिल है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाजी से दुनिया भर में अपनी पहचान मजबूत की है। हरियाणा की 22 वर्षीय दाएं हाथ की बल्लेबाज को सितंबर 2026 के लिए आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है। पिछले महीने महिला एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में उनके बल्ले से लगातार रन निकले, जिसका फायदा उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के रूप में मिला। शेफाली ने सितंबर में भारत की ओर से कुल सात मुकाबले खेले और इन मैचों में 360 रन बनाए। उनके प्रदर्शन में तेज शुरुआत, दबाव में टिककर बल्लेबाजी और बड़े मुकाबलों में अहम योगदान देने की क्षमता साफ दिखाई दी। महिला एशिया कप में उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जबकि एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में लगाया गया उनका नाबाद शतक चर्चा का विषय रहा। यह दूसरी बार है जब शेफाली ने आईसीसी का मासिक खिलाड़ी पुरस्कार अपने नाम किया है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी उन्हें यह सम्मान मिला था, जब भारत ने घरेलू मैदान पर आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीता था। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर शेफाली ने एक बार फिर साबित किया है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक हैं।
महिला एशिया कप में शेफाली ने दिखाया दम
सितंबर में खेले गए महिला एशिया कप में शेफाली वर्मा ने भारतीय टीम के लिए कई उपयोगी पारियां खेलीं। टूर्नामेंट के ग्रुप ए में भारत के दूसरे मुकाबले में उनका सामना हांगकांग, चीन से हुआ, जहां उन्होंने 28 रन बनाए। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वह 12 रन बनाकर आउट हो गईं। हालांकि, शुरुआती मुकाबलों में उनका प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा, लेकिन महत्वपूर्ण मैचों में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का प्रभाव दिखाया। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में शेफाली ने 64 रन की पारी खेलकर भारतीय टीम को मजबूती दी। उनकी इस पारी ने टीम को फाइनल तक पहुंचने में मदद की। इसके बाद 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ खिताबी मुकाबले में शेफाली ने 39 गेंदों पर 68 रन बनाए। उनकी इस आक्रामक पारी में तेजी से रन बनाने की क्षमता देखने को मिली। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इतने महत्वपूर्ण रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के आत्मविश्वास को दर्शाता है। शेफाली ने अपनी बल्लेबाजी के जरिए भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में योगदान दिया। महिला एशिया कप में उनके प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि वह परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में बदलाव कर सकती हैं और टीम की जरूरत के मुताबिक रन बना सकती हैं।
एशियन गेम्स में भी बल्ले से मचाया धमाल
महिला एशिया कप के बाद शेफाली वर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। जापान के निस्शिन में खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले में भारत को जापान के खिलाफ 58 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरीं शेफाली ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाए। उनकी इस तेजतर्रार पारी ने भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में शेफाली ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक लगाया। उन्होंने नाबाद 100 रन बनाकर भारतीय बल्लेबाजी की ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। यह पारी उनके करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई। श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक के मुकाबले में भी शेफाली ने अच्छा प्रदर्शन किया और 29 गेंदों पर 48 रन बनाए। लगातार तीन महत्वपूर्ण मुकाबलों में उपयोगी पारियां खेलने से भारतीय टीम को एशियन गेम्स में आगे बढ़ने में मदद मिली। एशिया कप और एशियन गेम्स, दोनों प्रतियोगिताओं में शेफाली का प्रदर्शन उनके सितंबर के कुल 360 रनों में शामिल रहा। इन उपलब्धियों ने उन्हें आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार की मजबूत दावेदार बनाया।
दूसरी बार मिला आईसीसी का प्रतिष्ठित सम्मान
शेफाली वर्मा के लिए यह पुरस्कार खास महत्व रखता है, क्योंकि वह दूसरी बार आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुनी गई हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में उन्होंने यह सम्मान हासिल किया था। उस समय भारत ने घरेलू मैदान पर आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीता था और शेफाली ने टीम की सफलता में योगदान दिया था। एक साल से भी कम समय में दूसरी बार यह पुरस्कार जीतना उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी लय बनाए रखना आसान नहीं होता। शेफाली ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की अपनी क्षमता को बार-बार साबित किया है। उनकी बल्लेबाजी में तेजी और आत्मविश्वास का मेल दिखाई देता है। हालांकि, उनके खेल में निरंतरता बनाए रखना आगे भी महत्वपूर्ण होगा, खासकर तब जब भारत को बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना है। इस सम्मान से उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और भारतीय टीम को भी आने वाले मुकाबलों में उनसे अच्छे प्रदर्शन की आशा रहेगी।
पुरस्कार जीतने पर शेफाली ने जताई खुशी
आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार जीतने के बाद शेफाली वर्मा ने इसे अपने लिए बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि दोबारा आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार जीतना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। शेफाली के मुताबिक, महिला एशिया कप और एशियन गेम्स में भारतीय टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए काफी संतोषजनक रहा और इस पुरस्कार ने उन सफलताओं को और खास बना दिया है। उन्होंने आने वाले महीनों को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शेफाली ने अगले साल फरवरी में होने वाली आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी को भी एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता बताया, जिसका उन्हें इंतजार है। उन्होंने महिला विश्व कप जीतने की यादों को भी खास बताया और कहा कि घरेलू मैदान पर आईसीसी टूर्नामेंट में फिर से खेलने का अवसर उनके लिए बेहद रोमांचक होगा। शेफाली की नजर अब आने वाली चुनौतियों पर है। सितंबर में सात मैचों में 360 रन बनाने वाली इस बल्लेबाज से भारतीय प्रशंसकों को भविष्य में भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। उनके सामने अब अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सफलताएं दिलाने की चुनौती होगी।