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गुरुवार की भारी गिरावट के बाद 9 अक्टूबर को शेयर बाजार में तेजी लौटी। सेंसेक्स 321 अंक चढ़ा और निफ्टी 22,300 के पार पहुंचा। आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली।
गुरुवार को भारी बिकवाली के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों की ओर से की गई जोरदार खरीदारी के चलते घरेलू शेयर बाजार हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 22,300 के अहम स्तर को पार करने में सफल रहा। बाजार में तेजी का सबसे बड़ा सहारा आईटी कंपनियों के शेयर बने, जिनमें मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा एफएमसीजी, हेल्थकेयर और बैंकिंग शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई तेजी ने भी बाजार की रिकवरी को मजबूती दी। हालांकि, कुछ चुनिंदा दिग्गज शेयरों में गिरावट के कारण बाजार में पूरी तरह एकतरफा तेजी नहीं रही।
सेंसेक्स 321 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,349 के स्तर पर पहुंचा
शुक्रवार सुबह करीब 9:16 बजे कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 321 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71,914 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 117 अंक यानी 0.53 प्रतिशत चढ़कर 22,349 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में आई भारी गिरावट के बाद यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई।
शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख भी सकारात्मक रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1,151 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 770 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में थे। इससे संकेत मिला कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बाजार के कई हिस्सों में खरीदारी देखने को मिली।
इस बीच, बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया विक्स 4.45 प्रतिशत गिरकर 14.25 पर आ गया। विक्स में गिरावट को आम तौर पर निकट अवधि में बाजार को लेकर घटती अनिश्चितता के संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, इससे भविष्य में बाजार की दिशा की गारंटी नहीं मिलती।
आईटी शेयरों में जबरदस्त तेजी, TCS बना टॉप गेनर
शुक्रवार को बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजों से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का ध्यान इस क्षेत्र की ओर खींचा।
टीसीएस का शेयर 4.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल रहा। इंफोसिस के शेयर में 2.83 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.70 प्रतिशत की तेजी आई। वहीं, टेक महिंद्रा का शेयर 2.03 प्रतिशत चढ़ गया।
आईटी शेयरों में खरीदारी ऐसे समय देखने को मिली, जब निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों, नए सौदों और वैश्विक तकनीकी खर्च से जुड़े संकेतों पर नजर रख रहे हैं। टीसीएस के नतीजों ने आईटी क्षेत्र को लेकर बाजार की धारणा को सहारा दिया। हालांकि, आगे की तेजी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनियों की राजस्व वृद्धि और नई परियोजनाओं की स्थिति कैसी रहती है।
FMCG, हेल्थकेयर और बैंकिंग शेयरों में भी मजबूती
आईटी सेक्टर के अलावा एफएमसीजी, हेल्थकेयर और बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी सर्विसेज इंडेक्स 1.07 प्रतिशत ऊपर रहा।
प्रमुख शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स 2.31 प्रतिशत और मैक्स हेल्थकेयर 2.11 प्रतिशत चढ़ा। एचडीएफसी लाइफ के शेयर में 1.50 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि आईटीसी 1.45 प्रतिशत बढ़ा। बैंकिंग क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
इन क्षेत्रों में खरीदारी से संकेत मिला कि निवेशक केवल आईटी शेयरों पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अन्य प्रमुख सेक्टरों में भी अवसर तलाशे। हेल्थकेयर और एफएमसीजी जैसी कंपनियों के शेयरों में बढ़त ने बाजार की मजबूती को व्यापक आधार दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रिकवरी
शुक्रवार को बाजार में तेजी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.64 प्रतिशत चढ़ा।
ब्रॉडर मार्केट में आई यह तेजी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इससे पता चला कि खरीदारी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी। गुरुवार की गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी की। हालांकि, इन शेयरों में उतार-चढ़ाव अधिक हो सकता है, इसलिए निवेशकों के लिए कंपनियों के कारोबारी प्रदर्शन और जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
इन दिग्गज शेयरों में रही गिरावट
बाजार में ज्यादातर प्रमुख सेक्टरों में तेजी के बावजूद कुछ बड़े शेयर दबाव में रहे। कोल इंडिया का शेयर 0.88 प्रतिशत गिरा, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.76 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 0.66 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में 1.13 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
इन शेयरों में कमजोरी के बावजूद आईटी, एफएमसीजी, हेल्थकेयर और बैंकिंग कंपनियों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शुक्रवार की शुरुआती तेजी ने गुरुवार की भारी गिरावट के बाद बाजार को राहत दी। आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी, टीसीएस के नतीजों और व्यापक बाजार में बढ़त ने सकारात्मक माहौल बनाया। हालांकि, शुरुआती कारोबार के आंकड़ों को पूरे दिन के प्रदर्शन का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। निवेशकों को आगे वैश्विक बाजारों के रुख, कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए। बाजार में तेजी के बावजूद निवेश संबंधी फैसले अपने जोखिम और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर लेना बेहतर होगा।