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SIR को लेकर अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने वोट चोरी और लोकतंत्र से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर वोट चोरी की गई और लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ की गई। अरविंद केजरीवाल ने देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की।
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि SIR के नाम पर वोट चोरी की गई और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हुआ। उन्होंने कहा कि वह देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के साथ खड़े हैं। AAP नेता ने अपने बयान के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधे इस्तीफा देने की मांग की।
‘SIR के नाम पर वोट चोरी’
SIR के नाम पर वोट चोरी की गई और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया गया। मैं देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन करता हूं।
ज्ञानेश कुमार, इस्तीफ़ा दो!
-@ArvindKejriwal, राष्ट्रीय संयोजक, AAP https://t.co/gp6agIPsZt
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 6, 2026
अरविंद केजरीवाल ने SIR की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाताओं के वोट प्रभावित किए गए। हालांकि, उनके बयान में किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र या कितने मतदाताओं के वोट कथित तौर पर प्रभावित हुए, इसका विवरण नहीं दिया गया है।
SIR को लेकर देश की राजनीति में पहले से ही बहस चल रही है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं और मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसे अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया के तौर पर देखता है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने अपने संदेश में सीधे कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से किसी व्यक्ति को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अलग है और केवल राजनीतिक मांग के आधार पर पद से हटाना संभव नहीं होता। ऐसे में केजरीवाल की इस्तीफे की मांग को उनके राजनीतिक रुख और SIR को लेकर उनकी आपत्ति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
‘वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन का समर्थन’
अरविंद केजरीवाल ने देश में चल रहे वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन के साथ हैं। AAP की ओर से चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।
केजरीवाल के ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि AAP इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
SIR को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए।
इसी मुद्दे पर चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्ष की ओर से प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की जा रही है। वहीं, चुनावी सूची को अद्यतन करने और उसमें गलत या अपात्र प्रविष्टियों को ठीक करने की जरूरत पर भी जोर दिया जाता रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
AAP राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि SIR के नाम पर वोट चोरी की गई और लोकतंत्र से छेड़छाड़ हुई। उन्होंने देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन करने की बात कही और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की।
उनके इस बयान के बाद SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, केजरीवाल के आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित चुनावी रिकॉर्ड, आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के पक्ष को भी देखना जरूरी होगा।