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हरियाणा में 70 नई ALS एंबुलेंस ने 1 अगस्त से 15 सितंबर के बीच 9,273 मरीजों को आपातकालीन सेवा दी। इनमें गर्भवती महिलाओं के 2,955 और रेफरल के 3,886 मामले शामिल हैं।
हरियाणा में प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी हेल्थकेयर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाल ही में शामिल की गई 70 नई एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस लगातार आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन नई एंबुलेंस ने 1 अगस्त से 15 सितंबर के बीच कुल 9,273 मरीजों की कॉल पर सेवाएं प्रदान कीं।
70 नई ALS एंबुलेंस ने संभाली 9,273 कॉल
डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, हरियाणा में हाल ही में खरीदी गई 70 ALS एंबुलेंस को राज्य के सभी 23 जिलों में तैनात किया गया है। 1 अगस्त से 15 सितंबर के बीच इन एंबुलेंस को 9,273 मरीजों से संबंधित कॉल मिलीं और टीमों ने जरूरत के अनुसार आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई।
इन कॉल में 2,955 मामले गर्भवती महिलाओं से जुड़े थे, जबकि 3,886 मामले रेफरल केस थे। आंकड़ों के मुताबिक, नई एंबुलेंस का इस्तेमाल विशेष रूप से गंभीर मरीजों और अस्पतालों के बीच रेफरल के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।
वेंटिलेटर समेत कई आधुनिक उपकरणों से लैस
हरियाणा में क्रिटिकल-केयर परिवहन सेवा हुई मजबूत!
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. @sumitamisra ने बताया कि हरियाणा की हाल ही में खरीदी गई 70 ALS एम्बुलेंस के नए बेड़े ने 1 अगस्त से 15 सितंबर के बीच 9,273 मरीज-कॉल अटेंड किए, इनमें 2,955 गर्भवती महिलाओं…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 30, 2026
नई ALS एंबुलेंस को गंभीर मरीजों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आधुनिक क्रिटिकल-केयर उपकरणों से लैस किया गया है। इनमें वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, मल्टी-पैरा मॉनिटर और सिरिंज पंप समेत अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
इन उपकरणों की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले रास्ते में भी आवश्यक निगरानी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। खास तौर पर गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए समय पर प्री-हॉस्पिटल केयर महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अब राज्य में 562 एंबुलेंस चालू
सुमिता मिश्रा के मुताबिक, 70 नई ALS एंबुलेंस के शामिल होने के बाद हरियाणा में अब कुल 562 एंबुलेंस परिचालन में हैं। इनका नेटवर्क राज्य के सभी जिलों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एंबुलेंस नेटवर्क का उद्देश्य मरीजों को जरूरत पड़ने पर जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान तक सुरक्षित पहुंचाना है। नई ALS एंबुलेंस में उपलब्ध क्रिटिकल-केयर सुविधाएं गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय चिकित्सा निगरानी में मदद करती हैं।
गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर विशेष फोकस
नई एंबुलेंस से जुड़ी कॉल में गर्भवती महिलाओं के 2,955 मामलों का होना मातृ स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। ALS एंबुलेंस में उपलब्ध उपकरण ऐसी परिस्थितियों में मरीज की स्थिति की निगरानी और आवश्यक सहायता देने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार मरीजों और नवजातों को समय पर रेफरल एवं परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में भी इस नेटवर्क की भूमिका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी केयर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
समय पर इमरजेंसी केयर उपलब्ध कराने में नेटवर्क की भूमिका
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा का यह मजबूत एंबुलेंस नेटवर्क गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी केयर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राज्य में 562 परिचालन एंबुलेंस का नेटवर्क आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने में मदद कर रहा है। 70 नई ALS एंबुलेंस को सभी 23 जिलों में तैनात किए जाने से गंभीर मरीजों के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस परिवहन सुविधा का विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, आने वाले समय में भी एंबुलेंस सेवाओं की क्षमता और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि जरूरत के समय मरीजों को तेजी से चिकित्सा सहायता और अस्पताल तक पहुंचने की सुविधा मिल सके।