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आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पेन बेचने वाले 14 साल के नाबालिग बच्चे को पुलिस थाने ले गई। AAP ने कहा कि बच्चे का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और पुलिस से कार्रवाई पर जवाब मांगा।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच तिलक नगर विवाद को लेकर सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्चे को जबरन उठाकर थाने पहुंचाया, जबकि उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। AAP के मुताबिक, यह बच्चा पेन बेचकर अपना गुजारा करता है और उसे केवल इसलिए पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा क्योंकि वह मौके पर मौजूद था।
AAP ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को थाने ले जाकर कार्रवाई की। पार्टी का दावा है कि बच्चे का AAP से कोई लेना-देना नहीं है और वह सड़क पर पेन बेचकर अपनी आजीविका चलाता है।
AAP ने सवाल उठाया कि अगर बच्चा किसी राजनीतिक गतिविधि से जुड़ा नहीं था तो उसे पुलिस थाने क्यों ले जाया गया। पार्टी ने इस घटना को युवाओं और Gen Z से जुड़े मुद्दे के रूप में भी उठाया है।
हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में अभी इस 14 वर्षीय बच्चे को थाने ले जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि या दिल्ली पुलिस की ओर से इस विशेष मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को फिलहाल AAP के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तिलक नगर विवाद के बीच सामने आया मामला
Gen Z से इतना डर?
बीजेपी पुलिस की क्रूरता देखिए, पेन बेच कर अपना गुज़ारा करने वाले एक 14 साल के नाबालिग बच्चे को जबरन उठाकर थाने ले आई, जबकि उसका आम आदमी पार्टी से कुछ लेना देना नहीं है।
Gen Z से आखिर किस बात की दुश्मनी निकाल रही है भाजपा? pic.twitter.com/rcKfD7achJ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 30, 2026
यह घटनाक्रम दिल्ली के तिलक नगर में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई जिसमें PWD मंत्री प्रवेश वर्मा पर सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। इसके बाद AAP ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से शिकायतें मिली थीं।
AAP ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तिलक नगर से विकासपुरी पुलिस स्टेशन तक मार्च किया था। पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह समेत कई नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। AAP के मुताबिक, पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।
AAP और पुलिस के बीच आमने-सामने आरोप
विवाद के दौरान AAP और दिल्ली पुलिस की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए। दिल्ली पुलिस ने एक हेड कांस्टेबल के साथ कथित मारपीट के मामले में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और अन्य AAP कार्यकर्ताओं के नाम FIR में दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक, सादे कपड़ों में मौजूद हेड कांस्टेबल मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था, तभी भीड़ ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट हुई।
दूसरी ओर, AAP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार किया और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
‘Gen Z से इतनी दुश्मनी क्यों?’
AAP ने 14 वर्षीय पेन बेचने वाले बच्चे के मामले को उठाते हुए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा है। पार्टी ने सवाल किया कि आखिर एक ऐसे नाबालिग को पुलिस थाने क्यों ले जाया गया, जिसका किसी राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है।
AAP ने इसे Gen Z से जुड़े व्यापक विवाद से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि युवाओं और आम नागरिकों को राजनीतिक विवादों से अलग रखा जाना चाहिए और किसी नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई से पहले पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई पर जवाब का इंतजार
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 14 वर्षीय बच्चे को किन परिस्थितियों में पुलिस थाने ले गई और क्या उसके खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई की गई। इन सवालों पर दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
तिलक नगर विवाद पहले ही AAP और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन चुका है। ऐसे में नाबालिग बच्चे को थाने ले जाने का AAP का आरोप इस विवाद को एक और राजनीतिक मुद्दा बना सकता है। पार्टी ने पुलिस और सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।