Table of Contents
एशियाई खेलों में भारत ने रविवार को सात पदक जीते। स्क्वैश में अनाहत सिंह और अभय सिंह ने रजत, जबकि एथलेटिक्स में पांच पदक आए। भारत के कुल 37 पदक हो गए।
एशियाई खेलों में भारत के लिए रविवार का दिन पदकों के लिहाज से शानदार रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने स्क्वैश और एथलेटिक्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। हालांकि, दिन का अंत भारत के लिए स्वर्ण पदक के बिना हुआ, लेकिन खिलाड़ियों ने दो रजत और पांच कांस्य पदक जीतकर देश के पदक अभियान को मजबूती दी। रविवार के मुकाबलों के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 37 हो गई है। इनमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। दिन का खेल समाप्त होने के बाद भारत पदक तालिका में 12वें स्थान पर रहा।
अनाहत सिंह ने रचा इतिहास
महिला एकल स्क्वैश में भारत की युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रजत पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। अनाहत एशियाई खेलों के स्क्वैश एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। फाइनल मुकाबले में उनका सामना मलेशिया की सिवासंगारी सुब्रमण्यम से हुआ। अनाहत ने मुकाबले में संघर्ष किया, लेकिन उन्हें 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनाहत को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी और कहा कि उन्होंने बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हुए शानदार कौशल का प्रदर्शन किया।
अभय सिंह ने भी जीता रजत
पुरुष एकल स्क्वैश में अभय सिंह ने भारत के लिए दूसरा रजत पदक हासिल किया। विश्व रैंकिंग में 26वें स्थान पर मौजूद अभय का फाइनल में सामना मलेशिया के विश्व नंबर 17 खिलाड़ी एनग ईन यो से हुआ। ईन यो ने मुकाबले में 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज की और अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा। अभय भले ही स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन रजत पदक के साथ उन्होंने भारत के पदक खाते में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अभय को बधाई देते हुए उनके परिश्रम, कौशल और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
एथलेटिक्स में भारत ने जीते पांच पदक
रविवार को भारत के लिए एथलेटिक्स भी पदकों का बड़ा स्रोत रहा। भारतीय एथलीटों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में पांच पदक जीते। एंसी सोजन ने महिला लंबी कूद में रजत पदक हासिल किया, जबकि सर्वेश कुशारे ने पुरुष ऊंची कूद में रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा हरिता भद्रा, पारुल चौधरी और तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एथलेटिक्स में भारत की मजबूत मौजूदगी को दिखाया।
सर्वेश कुशारे ने खत्म किया पांच दशक का इंतजार
पुरुष ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे का रजत पदक विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा। उनके पदक के साथ इस स्पर्धा में भारत का करीब पांच दशक से चला आ रहा एशियाई खेलों का पदक इंतजार समाप्त हुआ। सर्वेश ने प्रतियोगिता में निरंतरता और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन को भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सर्वेश को बधाई देते हुए उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ता की सराहना की।
हरिता भद्रा ने पदार्पण में जीता कांस्य
महिला 200 मीटर में हरिता भद्रा ने एशियाई खेलों में अपने पदार्पण को यादगार बना दिया। उन्होंने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं हरिता ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और पोडियम पर जगह बनाई। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
पारुल चौधरी ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ जीता पदक
महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीतने के साथ अपना नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ दर्ज कराया। उन्होंने 9:08.67 का समय निकालकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। पारुल के लिए यह उपलब्धि उनकी लगातार मेहनत और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रही। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके समर्पण और निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में दिखाया दम
तेजस्विन शंकर ने पुरुष डेकाथलॉन में 7,934 अंक हासिल करके कांस्य पदक जीता। दो दिनों तक चलने वाली इस कठिन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को कई अलग-अलग एथलेटिक स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना होता है। तेजस्विन ने पूरे मुकाबले में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और धैर्य का परिचय दिया। अंतिम 1500 मीटर स्पर्धा में उन्होंने 4:33.09 का समय दर्ज किया। हालांकि उनका कुल स्कोर 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों के रजत पदक को बरकरार रखने के लिए पर्याप्त नहीं रहा, लेकिन कांस्य पदक के साथ उन्होंने भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।
सात पदकों के बावजूद स्वर्ण से खाली रहा दिन
रविवार को भारत ने कुल सात पदक जीते, लेकिन इनमें एक भी स्वर्ण पदक शामिल नहीं रहा। दिन की शुरुआत और अंत के बीच भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में लगातार पदक जीतकर कुल संख्या को 37 तक पहुंचाया। भारत के पास अब चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक हैं। हालांकि, अन्य देशों के प्रदर्शन के कारण पदक तालिका में भारत की स्थिति 10वें स्थान से खिसककर 12वें स्थान पर पहुंच गई। इसके बावजूद स्क्वैश और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में देश के पदक अभियान को मजबूती दी है।