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मौसम विभाग दिल्ली, यूपी, बिहार समेत नेकई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा।
मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 सितंबर से कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ कई जगहों पर तेज हवाएं, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में भी नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 7 सितंबर को मौसम सुहाना रहने के साथ-साथ लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। राजधानी के कई इलाकों में मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश-आंधी का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। लोगों को विशेष रूप से खेतों, खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिहार में भी 7 सितंबर को कई जगहों पर बारिश के साथ आंधी आने की संभावना है। गरज-चमक के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकता है भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा। उत्तराखंड में 7 सितंबर के अलावा 10 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश में 7 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 और 8 सितंबर तथा 11 और 12 सितंबर को बारिश का अनुमान है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है।
छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी बारिश
पश्चिमी भारत के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बढ़ेगी बारिश
पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर और ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 12 सितंबर तक बारिश होने की संभावना है। 7-8 सितंबर और 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून रहेगा सक्रिय
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल समेत कई क्षेत्रों में 7 से 12 सितंबर तक बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
कुल मिलाकर 7 सितंबर से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। बारिश के साथ तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सावधानी जरूरी है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखनी चाहिए और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।