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राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा कृषि और खेल के साथ उद्योग, IT, ऑटोमोबाइल, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा के लोग जहां भी गए, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से सफलता के नए आयाम स्थापित किए। आज हरियाणा केवल कृषि और खेल के क्षेत्र में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि उद्योग, आईटी, ऑटोमोबाइल, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुंबई में ‘Happening Haryana’ के तहत आयोजित निवेश आउटरीच कार्यक्रम के दौरान राव नरबीर सिंह ने हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं को सामने रखा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और हरियाणा डायस्पोरा से संवाद कर रहे हैं।
हरियाणा की अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहा बदलाव
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की पहचान अब पारंपरिक कृषि और खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। राज्य में ऑटोमोबाइल, आईटी, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। सरकार नए उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।
निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही सरकार
हरियाणा के लोग जहां भी गए हैं, उन्होंने अपनी मेहनत और कर्मठता से सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। हरियाणा केवल कृषि और खेल के क्षेत्र में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि आज उद्योग, आईटी, ऑटोमोबाइल, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 23, 2026
उद्योग मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य में इन्वेस्टर-फ्रेंडली इकोसिस्टम विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नीतिगत सहयोग दिया जा रहा है।
सरकार की नई औद्योगिक नीतियों का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और राज्य को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करना है। वर्ष 2026 में हरियाणा सरकार ने ‘Make in Haryana’ समेत कई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों को आगे बढ़ाया है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, AI, IT/ITES, डेटा सेंटर और एग्रीबिजनेस जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
मुंबई में निवेशकों के सामने हरियाणा की संभावनाएं
मुंबई में आयोजित निवेश कार्यक्रम के जरिए हरियाणा सरकार देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दे रही है। राव नरबीर सिंह ने इससे पहले भी ‘Happening Haryana’ रोडशो को हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सुविधाओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया था।
सरकार का जोर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, आईटी, AI, फार्मा, डेटा सेंटर और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित होने के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की उम्मीद है।
नई औद्योगिक नीतियों से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई नई सेक्टरल नीतियां तैयार की हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन नीतियों के जरिए 2030-31 तक लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा राज्य में नए Industrial Model Townships (IMTs) विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर बड़े निवेशकों के साथ-साथ MSME क्षेत्र को भी नए अवसर उपलब्ध कराना है।
हरियाणा को निवेश और उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की मेहनतकश आबादी और मजबूत औद्योगिक आधार राज्य की सबसे बड़ी ताकतों में से हैं। सरकार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए इस क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
मुंबई में आयोजित ‘Happening Haryana’ कार्यक्रम के जरिए हरियाणा ने देश की वित्तीय राजधानी में अपनी निवेश क्षमता का प्रदर्शन किया है। सरकार की कोशिश है कि घरेलू और वैश्विक निवेशकों को हरियाणा में उद्योग स्थापित करने और विस्तार करने के लिए बेहतर अवसर मिलें।