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CM भगवंत मान ने रोपड़ में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम में भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया और पंजाब की भाईचारे की सांझीवालता बनाए रखने की अपील की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज रोपड़ में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ धार्मिक समागम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक हुए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक हुए CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समागम के दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और शिव चरणों में शीश नवाया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
पंजाब की भाईचारे की भावना बनाए रखने की अपील
CM @BhagwantMann ਅੱਜ ਰੋਪੜ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਏ ‘ਇੱਕ ਸ਼ਾਮ ਭਗਵਾਨ ਸ਼ਿਵ ਦੇ ਨਾਮ’ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਭਗਵਾਨ ਸ਼ਿਵ ਦੇ ਚਰਨਾਂ ‘ਚ ਨਤਮਸਕ ਹੋਏ। ਇਸ ਮੌਕੇ CM ਮਾਨ ਨੇ ਭਗਵਾਨ ਦਾ ਅਸ਼ੀਰਵਾਦ ਲਿਆ ਅਤੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਭਾਈਚਾਰਕ ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ। pic.twitter.com/aJqFnlvVf2
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 29, 2026
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों से प्रदेश की भाईचारे और सांझीवालता की परंपरा को इसी तरह कायम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान आपसी प्रेम, एकता और सांप्रदायिक सद्भाव से है और इस विरासत को मजबूत बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
धार्मिक आयोजन में दिखा श्रद्धा का माहौल
‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भगवान शिव की भक्ति और धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब की शांति और समृद्धि की कामना की गई।
सामाजिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंजाब की सांझी संस्कृति और भाईचारे को मजबूत करने के लिए आपसी सम्मान और सद्भाव जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से मिल-जुलकर रहने और पंजाब की एकता एवं सांझीवालता को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को राज्य की प्रमुख ताकत के रूप में रेखांकित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ पंजाब की खुशहाली और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया गया।