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AAP सांसद संजय सिंह ने जंतर-मंतर पर 23 दिनों से जारी छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ दुश्मन देश के नागरिकों जैसा बर्ताव कर रही है।
‘आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से जारी छात्र आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय मोदी सरकार उन पर लाठियां बरसा रही है और उनके साथ दुश्मन देश के नागरिकों जैसा सलूक कर रही है।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना कड़ा रुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश का युवा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय बलप्रयोग कर आंदोलन को कुचलने में जुटी है।
“लाठियों से दौड़ा-दौड़कर पीटा”: संजय सिंह का गंभीर आरोप
संजय सिंह ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा:
“जंतर-मंतर पर 23 दिनों से शांतिपूर्ण धरना चल रहा था। श्री सोनम वांगचुक 21 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। छात्रों की सिर्फ एक ही मांग थी—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। लेकिन जवाब देने के बजाय मोदी सरकार ने देश के छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव किया जैसे वे किसी दुश्मन देश के नागरिक हों। उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़कर पीटा गया। देश के छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक है।”
23 दिनों से जारी प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
23 दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना चल रहा था। Sonam Wangchuk जी 21 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। छात्रों की सिर्फ़ एक ही मांग थी-
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा। लेकिन मोदी सरकार ने जवाब देने की बजाय देश के छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया, मानो वे किसी दुश्मन देश… pic.twitter.com/wTNMMrJHiQ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 20, 2026
जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जारी इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित कई छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। अनशन और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद केंद्रीय स्तर पर संवाद न होने के बाद जब छात्रों ने अपना विरोध जताया, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बलप्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया।
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास राजनीतिक आयोजनों और चुनावी भाषणों के लिए तो समय है, लेकिन देश का भविष्य कहे जाने वाले इन युवाओं से मिलने या उनकी समस्याओं को सुनने की फुरसत नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
संजय सिंह ने चेतावनी दी कि युवाओं की आवाज को पुलिसिया तंत्र के दम पर दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में देश का युवा ही सरकार की दिशा तय करता है और यदि सरकार ने अपना अड़ियल रुख नहीं छोड़ा, तो युवाओं का यह आक्रोश सरकार की नींव हिला देगा।