AAP सांसद मालविंदर सिंह कंग ने प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाने वाले मान सरकार के कानून को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने जनता से नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की शिकायत जिला कार्यालय में करने की अपील की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद मालविंदर सिंह कंग ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए लाए गए नए अध्यादेश (Ordinance) का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे राज्य के इतिहास का एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसला करार दिया। मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि इस नए सख्त कानून के लागू होने से पंजाब में शिक्षा के नाम पर चल रही निजी स्कूलों की मनमानी लूट पर पूरी तरह से पूर्णविराम लग जाएगा। इससे राज्य के लाखों परिवारों को भारी आर्थिक मानसिक तनाव और वित्तीय बोझ से बड़ी राहत मिलेगी।
कंग ने पंजाब के अभिभावकों से इस कानून का लाभ उठाने और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर कोई भी निजी स्कूल इस अध्यादेश के नियमों का उल्लंघन करता है या चुपके से फीस बढ़ाता है, तो जनता को बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे ऐसे किसी भी प्राइवेट स्कूल की मनमानी और नियमों के उल्लंघन की शिकायत तुरंत अपने नजदीकी जिला कार्यालय (District Office) या जिला स्तरीय नियामक समिति में दर्ज कराएं, ताकि दोषी संस्थानों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सालाना 5% से अधिक फीस वृद्धि पर पूर्ण रोक — मालविंदर सिंह कंग
ਸਾਂਸਦ @kang_malvinder ਨੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਫ਼ੀਸ ਵਾਧੇ ‘ਤੇ ਬਣੇ ਨਵੇਂ ਕਨੂੰਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸ਼ਲਾਘਾ !!
ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀ ਮਨਮਰਜ਼ੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਖਰੜ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਸੂਚਨਾ ਦੇਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੱਦਾ
ਕਿਹਾ, ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਮਨਮਰਜ਼ੀ ਨਾਲ਼ ਵਧਾਈ ਜਾਂਦੀ ਫ਼ੀਸ ‘ਤੇ ਨਵਾਂ ਕਾਨੂੰਨ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰੋਕ… pic.twitter.com/mb2VfNOKuK
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 13, 2026
सांसद मालविंदर सिंह कंग ने नए अध्यादेश के मुख्य प्रावधानों को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने निजी स्कूलों की निरंकुशता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा:
“मान सरकार का यह फैसला शिक्षा के व्यापारीकरण पर सबसे बड़ा प्रहार है। अब पंजाब का कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना 5 प्रतिशत से अधिक की फीस बढ़ोतरी किसी भी कीमत पर नहीं कर पाएगा। यही नहीं, पिछले 3 वर्षों में जिन स्कूलों ने नियमों को ताक पर रखकर 15% से ज्यादा अतिरिक्त फीस वसूली है, उन्हें वह पूरा पैसा अभिभावकों को हर हाल में वापस (Refund) करना होगा। जो लोग शिक्षा को सिर्फ कमाई का जरिया समझते हैं, उनके लिए अब पंजाब में कोई जगह नहीं है।”
नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द
आप नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी 7800 निजी स्कूलों को पिछले 4 साल की फीस का ब्योरा सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कंग ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि बार-बार उल्लंघन करने पर उनकी मान्यता (Affiliation) भी रद्द कर दी जाएगी। सरकार पूरी मजबूती के साथ पंजाब के 32 लाख से अधिक बच्चों और उनके माता-पिता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर निजी स्कूलों का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।