Table of Contents
हरियाणा विजन-2047: सीएम नायब सिंह सैनी ने कृषि क्षेत्र के लिए बनाया बड़ा खाका, ‘प्राकृतिक खेती’ को मिलेगा बढ़ावा
सीएम नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन-2047’ पर चर्चा करते हुए प्राकृतिक और जीरो-बजट खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। जानिए कृषि सुधारों के लिए क्या हैं सरकार के नए निर्देश।
हरियाणा सरकार ने राज्य के कृषि और पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘हरियाणा विजन-2047’ (Haryana Vision-2047) पर काम शुरू कर दिया है। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
किसानों के लिए नई रणनीति: प्राकृतिक और ज़ीरो-बजट खेती
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को ‘प्राकृतिक खेती’ (Natural Farming) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, “हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती, ज़ीरो-बजट फार्मिंग और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हर कदम पर पूरा सहयोग प्रदान करेगी।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में नवाचार (Innovation) ही किसानों की आय दोगुनी करने का एकमात्र माध्यम है।
कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने विजन-2047 के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं:
- बागवानी (Horticulture): परंपरागत फसलों के अलावा उच्च मूल्य वाली फसलों और बागवानी को बढ़ावा देना।
- मत्स्य पालन (Fisheries): राज्य में मछली पालन की आधुनिक तकनीकों का विस्तार करना ताकि किसानों को अतिरिक्त आय हो सके।
- पशुपालन (Animal Husbandry): पशुपालकों को आधुनिक सुविधाओं और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना ताकि दुग्ध उत्पादन में हरियाणा की अग्रणी स्थिति बनी रहे।
- तकनीकी समावेश: कृषि कार्यों में ड्रोन और आधुनिक उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करना।
किसानों की प्रगति ही हरियाणा की उन्नति
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था का मूल आधार कृषि ही है। सरकार ऐसी नीतियां बना रही है जिससे खेती न केवल एक आजीविका बनी रहे, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए भी एक लाभदायक और आधुनिक व्यवसाय के रूप में स्थापित हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए।