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पंजाब सरकार की ‘मांवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलेगी। सामान्य श्रेणी को 3,000 और SC श्रेणी को 4,500 रुपये एक साथ मिलेंगे।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री मांवां धीयां सत्कार योजना’ को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2026 से राज्य की पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में तीन महीने की राशि एक साथ प्राप्त होगी।
क्या है योजना और कितनी मिलेगी राशि?
पंजाब की सभी माँ, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई। 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर जनरल केटेगरी की महिला को तीन हज़ार और हर SC केटेगरी की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी… pic.twitter.com/VcBOsa2sFs
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 22, 2026
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आत्मविश्वास देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
- सामान्य श्रेणी (General Category): हर पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की राशि एक साथ मिलेगी।
- अनुसूचित जाति (SC Category): इन परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने की कुल 4,500 रुपये की राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि यदि एक ही परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएं हैं, तो उन सभी को अलग-अलग यह सम्मान राशि प्राप्त होगी। यह दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम माना जा रहा है।
सीधे खातों में होगा ट्रांसफर (DBT)
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा, जिससे किसी भी बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं रहेगी। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस नई योजना का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह पात्र होंगी।
97% महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
पंजाब सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अनुमान है कि राज्य की लगभग 97% महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, जिसमें लाखों महिलाएं प्रतिदिन अपना नामांकन करा रही हैं। पंजीकरण के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित विशेष स्थानों की मदद ली जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह वित्तीय सहायता महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं देगी, बल्कि यह निश्चित रूप से उन्हें समाज में सम्मान, आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। एक मां और बहन का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में सक्षम है। पंजाब की महिलाओं का सशक्तिकरण ही हमारे राज्य की वास्तविक उन्नति का आधार है।”