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प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान भवन में 15 लाख युवाओं को 2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भेजी। जानें कैसे चेक करें अपना स्टेटस और क्या है विकसित भारत रोजगार योजना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य ‘यूथ सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और उनके कौशल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के तहत 15 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की। यह पहल भारत के युवाओं को सशक्त बनाने और उनके परिश्रम को सम्मान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दुनिया में भारत की युवा शक्ति की गूंज
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया विदेश यात्राओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वैश्विक मंच पर आज भारत के युवाओं की क्षमता की व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं अभी कुछ ही घंटे पहले फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से लौटा हूं। जी-7 में विकसित देशों के दिग्गज नेताओं से मेरी मुलाकात हुई। दुनिया आज भारत की युवा शक्ति की चर्चा कर रही है। भारत के टैलेंट, स्किल और पोटेंशियल की सुदूर तक चर्चा हो रही है।” प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज के युवा अपनी क्षमताओं को अवसरों में बदलने की शक्ति रखते हैं। सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर युवा अपनी प्रतिभा का सही उपयोग कर सके और इसी सोच के साथ ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की गई है।
70 लाख रोजगार और सोशल सिक्योरिटी का कवच
प्रधानमंत्री ने योजना की सफलता के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के माध्यम से अब तक लगभग 70 लाख नई नौकरियां सृजित की गई हैं। यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि इन 70 लाख युवाओं को ‘सोशल सिक्योरिटी’ (सामाजिक सुरक्षा) का एक मजबूत कवच भी मिला है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी के छह महीने सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। आज इन्हीं में से करीब 15 लाख युवाओं के खातों में उनकी पहली नौकरी के छह महीने पूरे होने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में 2,400 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
रोजगार निर्माण: एक राष्ट्रीय अभियान
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि रोजगार निर्माण को केवल सरकार तक सीमित न रखकर इसे एक ‘राष्ट्रीय अभियान’ के रूप में विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा, “यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह उनके परिश्रम का सम्मान है और उनके उज्ज्वल भविष्य पर देश के विश्वास की अभिव्यक्ति है।” उन्होंने रेखांकित किया कि जब सरकार, युवा और उद्योग जगत एक साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो रोजगार सृजन की गति कई गुना बढ़ जाती है। ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ इसी नए भारत की पहचान है, जहाँ युवाओं को अवसर और उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है। एक ऐसा भारत जहाँ रोजगार निर्माण एक सतत प्रक्रिया और राष्ट्रीय संकल्प बन गया है।
प्रोत्साहन राशि कैसे चेक करें?
इस योजना का लाभ उठाने वाले और प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले युवा अपने स्टेटस की जांच के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं:
- सबसे पहले ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- अपने EPFO अकाउंट नंबर या UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) के जरिए पोर्टल में लॉग इन करें।
- लॉग इन करने के बाद डैशबोर्ड पर जाएं और ‘एलिजिबिलिटी’ (योग्यता) या ‘प्रोत्साहन राशि’ (इंसेंटिव) के विकल्प का चयन करें।
वहां आपको आपके खाते में राशि ट्रांसफर होने का वर्तमान स्टेटस दिखाई दे जाएगा।
युवाओं के कंधों पर विकसित भारत का सपना
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश स्पष्ट है कि भारत की विकास यात्रा युवाओं की भागीदारी के बिना अधूरी है। आज का युवा ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वाला) नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी देने वाला) बनने की क्षमता रखता है। कौशल विकास और रोजगार के इन नए अवसरों के साथ, भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास का संचार भी कर रही है ताकि वे देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।