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महिला टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मैच के बाद हैंडशेक न होने पर कोच वहाब रियाज ने दिया अजीब जवाब। जानिए क्या हुआ मैच में और कैसे भारत ने दर्ज की 64 रनों से जीत।
खेल के मैदान पर अक्सर खेल भावना और आपसी सम्मान की मिसालें पेश की जाती हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों में स्थिति कुछ अलग ही नजर आती है। महिला टी20 विश्व कप 2026 में हुए हालिया मुकाबले के बाद एक बार फिर ‘हैंडशेक विवाद’ सुर्खियों में है। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों की खिलाड़ियों का आपस में हाथ न मिलाना इस पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। न केवल मैच के अंत में, बल्कि टॉस के दौरान भी दोनों टीमों की कप्तान हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना ने एक-दूसरे का अभिवादन करने या स्वीकार करने तक का प्रयास नहीं किया।
वहाब रियाज का अजीब तर्क और क्रिकेट की दुनिया में चर्चा
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी टीम के कोच वहाब रियाज से जब इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने एक हैरान करने वाला जवाब दिया। एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या दोनों टीमों के बीच पर्दे के पीछे संबंध खराब हैं या स्थिति वास्तव में इतनी ठंडी (frosty) है कि खिलाड़ी एक-दूसरे को नहीं देख पा रहे? इसके जवाब में वहाब रियाज ने कहा, “देखिए, मुझे नहीं पता। मैंने काफी समय पहले क्रिकेट छोड़ दिया था, इसलिए मुझे हाथ न मिलाने के पीछे का कारण नहीं पता है। लेकिन मुझे लगता है कि अगर चीजें इसी तरह चलनी हैं, तो उन्हें चलने दीजिए। इससे कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा।” कोच का यह बेपरवाह बयान खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि क्रिकेट को अक्सर दो देशों के बीच रिश्तों को सुधारने का जरिया माना जाता है।
स्मृति मंधाना का जलवा और भारत का विशाल स्कोर
मैदान के बाहर के विवादों से इतर, अगर खेल की बात करें तो भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। भारतीय पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना ने शानदार अंदाज में की। उन्होंने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 44 गेंदों में 68 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनका साथ देते हुए युवा बल्लेबाज ऋचा घोष ने अंतिम ओवर्स में आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 17 गेंदों में 34 रन जड़ दिए। इन दो महत्वपूर्ण पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 170/6 का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसे हासिल करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया।
दीप्ति शर्मा की फिरकी में फंसा पाकिस्तान
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह असहाय नजर आई। भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 10 रन खर्च करके 5 महत्वपूर्ण विकेट झटके। दीप्ति की सटीक गेंदबाजी और मैदान पर उनकी सूझबूझ ने पाकिस्तान को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। नतीजा यह रहा कि भारतीय टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी को 64 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।
मैदान का अनुशासन बनाम कूटनीतिक औपचारिकता
यह मुद्दा अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। जब दो टीमें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमने-सामने होती हैं, तो उनसे खेल भावना की उम्मीद करना स्वाभाविक है। 2025 एशिया कप में भी यही नजारा देखने को मिला था और अब टी20 विश्व कप में भी उसी क्रम को दोहराया गया है। हालांकि खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं, लेकिन औपचारिकता के नाम पर की जाने वाली इस दूरी ने खेल के प्रति प्रशंसकों के उत्साह में थोड़ी कड़वाहट घोल दी है।
क्या क्रिकेट रिश्तों को जोड़ने का जरिया है?
खेल की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि मैदान के बाहर प्रतिद्वंद्विता का मतलब दुश्मनी नहीं होता। लेकिन भारत-पाकिस्तान के संदर्भ में यह कूटनीतिक तनाव बार-बार खेल के माहौल पर हावी हो जाता है। वहाब रियाज का यह कहना कि ‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता’ एक प्रकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है, क्योंकि खेल में सम्मान सबसे ऊपर होता है। फिलहाल, भारतीय टीम अपनी जीत का जश्न मना रही है और उनका ध्यान अगले मैचों पर है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में शायद खेल भावना इन कूटनीतिक दूरियों पर हावी हो सकेगी।