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अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए आकाश चोपड़ा ने चुनी भारत की संभावित प्लेइंग 11। विराट कोहली की जगह ईशान किशन को किया सपोर्ट।
आकाश चोपड़ा, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध क्रिकेट विश्लेषक, ने आगामी अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारत की संभावित प्लेइंग 11 पर अपनी राय दी है। Chottil के विराट कोहली के बाहर होने के बाद, नंबर तीन की महत्वपूर्ण जगह पर बहुत चर्चा हुई। चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल के बजाय ईशान किशन को इस पद पर प्राथमिकता दी है। चोपड़ा ने किशन को अपनी टिप्पणी में ईश्वर की पसंदीदा संतान (God’s favorite child) बताते हुए कहा कि जब भी उन्हें अचानक मौका मिला है, उन्होंने खुद को साबित करके दिखाया है।
ईशान की शानदार वापसी
सिर्फ छह महीने पहले, ईशान किशन को भारतीय क्रिकेट टीम से लगभग बाहर निकाला गया था। बीसीसीआई की अनुबंध सूची से बाहर होने और “प्रतिबद्धता संबंधी चिंताओं” के कारण उनका करियर खराब हो गया। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में स्थिति बहुत जल्दी बदलती है। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड को पहली बार विजेता बनाकर शानदार वापसी की। इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें टी20 विश्व कप टीम में चुना गया। विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और फिर आईपीएल 2026 में अपनी फॉर्म को बरकरार रखने के बाद, वे फिर से वनडे टीम में आ गए हैं। यह संयोग है कि ऋषभ पंत की खराब स्थिति भी उन्हें मिली।
आकाश चोपड़ा की दृष्टि: “ईशान किशन इस समय ईश्वर की पसंदीदा संतान हैं,” आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में कहा, “दरवाजे खुलते ही ईशान तैयार रहते हैं।” मुझे पूरा यकीन है कि वह रन बनाएगा जब भी उन्हें नंबर 3 पर खेलने का मौका मिलेगा। वह इस समय अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में हैं। ईशान किशन अनजाने में हर अवसर पर मौजूद होता है। वह दरवाजे के बाहर खड़े रहते हैं, अंदर जाते हैं, रन बनाते हैं और टीम में अपना स्थान बनाते हैं। वह ऐसा हर बार करते हैं।चोपड़ा का यह विश्लेषण ईशान किशन के व्यक्तित्व और उनकी ‘अवसर को भुनाने’ की क्षमता को दिखाता है।
आंकड़े ईशान किशन के साथ
ईशान किशन का बहुत बड़ा वनडे रिकॉर्ड था जब वे भारत के लिए नियमित रूप से खेलते थे। उनके 27 मैचों में 42.40 की औसत और 102.19 का स्ट्राइक रेट था। इसमें उनका बांग्लादेश के खिलाफ 210 रन का ऐतिहासिक दोहरा शतक भी शामिल है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि वह टीम में जगह पाने के हकदार हैं और नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने के लिए पूरी तरह से योग्य हैं। हालाँकि, उनके चयन से कोहली की जगह यशस्वी जायसवाल को बेंच पर बैठना पड़ सकता है।
आकाश चोपड़ा ने अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के लिए जो टीम चुनी है, वह काफी संतुलित लगती है:
- रोहित शर्मा और शुभमन गिल, दोनों सलामी बल्लेबाज
- ईशान किशन (क्रमांक 3)
- श्रेयस अय्यर और केएल राहुल (माध्यमिक पाठ्यक्रम)
- नितीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर
- स्पिनर कुलदीप यादव
- प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा (तेज गेंदबाज)
टीम संरचना और समस्याएं
यह टीम चयन भारत का प्रयास है कि युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को मिलाकर काम करे। टीम ने प्रिंस यादव और नितीश कुमार रेड्डी जैसे नए खिलाड़ियों को जोड़ा, जो भविष्य की ओर देख रहा है। नंबर तीन पर ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी शैली अफगानिस्तान की स्पिन-गेंदबाजी को हरा सकती है।
प्रतियोगिता और टीम लाभ
यशस्वी जायसवाल को बेंच पर बैठाना एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी के लिए मुश्किल हो सकता है, लेकिन भारतीय टीम के पास इस समय इतनी अधिक प्रतिभा है कि चयनकर्ताओं को हर मैच के लिए सर्वश्रेष्ठ 11 चुनना भी मुश्किल है। Чоपड़ा का तर्क है कि मौजूदा फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए किशन का दावा अधिक बलवान है। क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों के बीच इस बात पर बहस जारी रहेगी कि क्या यह विराट कोहली की अनुपस्थिति में सही निर्णय है, लेकिन ईशान किशन का आत्मविश्वास और पिछले महीनों का प्रदर्शन फिलहाल उनके पक्ष में हैं। यह सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ तय करेगी कि क्या ईशान किशन एक लंबी रेस के घोड़े हैं या फिर उन्हें अपनी जगह बचाने के लिए लगातार ऐसे ही प्रदर्शन चाहिए। अब भारतीय टीम का लक्ष्य इस सीरीज में विजयी शुरूआत करना है।