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आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने आईपीएल प्लेऑफ में इतिहास रचा। रविचंद्रन अश्विन ने उनकी तुलना श्रेयस अय्यर से करते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बताया।
आईपीएल 2026 के रोमांचक प्लेऑफ चरण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ क्वालीफायर-1 में पाटीदार की 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की तूफानी पारी ने न केवल RCB को फाइनल का टिकट दिलाया, बल्कि टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ ‘कैप्टन-बल्लेबाज’ की बहस को भी एक नया मोड़ दे दिया है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने तो यहाँ तक कह दिया है कि अब रजत पाटीदार इस सूची में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर के समकक्ष खडे हो गए हैं।
ऐतिहासिक पारी और ‘शॉट ऑफ द टूर्नामेंट’
धर्मशाला के मैदान पर पाटीदार का बल्ला उस समय आग उगल रहा था जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी। उन्होंने गुजरात के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। नौ छक्के और पांच चौकों की मदद से 281.82 के स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर (254/5) खड़ा किया।
पाटीदार की पारी का सबसे यादगार पल कगिसो रबाडा के खिलाफ था। अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद, उन्होंने बैक-फुट पर जाकर कवर के ऊपर से जो छक्का जड़ा, उसने रविचंद्रन अश्विन को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘अश की बात’ पर कहा, “रजत द्वारा रबाडा के खिलाफ मारा गया वह बैक-फुट छक्का ‘शॉट ऑफ द डे’ ही नहीं, बल्कि ‘शॉट ऑफ द टूर्नामेंट’ का प्रबल दावेदार है। इतनी दूर से वह पावर कैसे जनरेट कर लेते हैं, यह मेरी समझ से परे है।”
श्रेयस अय्यर के साथ नेतृत्व की तुलना
अश्विन के अनुसार, इस पारी ने सीजन के सर्वश्रेष्ठ कप्तान और बल्लेबाज की चर्चा को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुकाबले से पहले तक श्रेयस अय्यर का पलड़ा थोड़ा भारी था, लेकिन पाटीदार के इस आक्रामक प्रदर्शन के बाद वे अब उन्हीं की बराबरी पर खड़े हैं। पाटीदार का खेल केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी कप्तानी में टीम का आत्मविश्वास जिस स्तर पर पहुँचा है, वह अद्भुत है।
स्पिन और पेस: पाटीदार की बहुमुखी प्रतिभा
रजत पाटीदार के खेल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ समान रूप से घातक हैं। आमतौर पर बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ सहज होते हैं, लेकिन पाटीदार ने रशीद खान जैसे दिग्गज गेंदबाज के खिलाफ भी जिस तरह की आक्रामकता दिखाई, वह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। अश्विन ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, “हम सभी जानते हैं कि रजत स्पिन के खिलाफ कितने माहिर हैं, लेकिन आज तेज गेंदबाजी को संभालने का उनका अंदाज वाकई प्रभावशाली था। मैंने बहुत कम ऐसे बल्लेबाज देखे हैं जो रशीद खान जैसी गेंदों को फ्रंट फुट पर आकर पिच तक पहुँचें और फिर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का जड़ दें। यह ‘प्योर क्लास’ है।”
RCB का कायाकल्प और पाटीदार का उदय
रजत पाटीदार का उदय उस कहानी के समान है जिसने पिछले दो वर्षों में आरसीबी की किस्मत बदल दी है। 2025 में कप्तानी संभालने के बाद, उन्होंने न केवल टीम को उसका पहला आईपीएल खिताब दिलाया, बल्कि लगातार दूसरी बार उन्हें फाइनल तक पहुँचाकर यह साबित कर दिया कि वे आधुनिक क्रिकेट के सबसे बेहतरीन लीडर्स में से एक हैं। टीम का उनके नेतृत्व में खेलना एक अलग ही ऊर्जा प्रदर्शित करता है।
फाइनल की ओर बढ़ते कदम
92 रनों की इस विशाल जीत के साथ RCB ने फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। रजत पाटीदार का यह ‘कमथ द मैन, कमथ द आवर’ (जरूरत के समय सही नायक का उदय) वाला अंदाज दिखाता है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। धर्मशाला में गुजरात टाइटन्स की हार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाटीदार की आक्रामक रणनीति और उनकी बल्लेबाजी का लय इस समय आईपीएल के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने में सक्षम है।
अब पूरी दुनिया की निगाहें आईपीएल फाइनल पर टिकी हैं। क्या रजत पाटीदार लगातार दूसरी बार RCB को चैंपियन बनाकर इतिहास रच पाएंगे? जिस तरह की फॉर्म में वे चल रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वे इस सीजन के निर्विवाद ‘सुपरस्टार’ के रूप में उभर चुके हैं। श्रेयस अय्यर के साथ उनकी तुलना तो बस शुरुआत है, रजत पाटीदार ने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक टीम के लीडर नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा सितारा बनने की ओर अग्रसर हैं।