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एबी डिविलियर्स ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की खेल जागरूकता को ‘असाधारण’ बताया है। जानिए उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के इस युवा सितारे के बारे में क्या कहा।
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने न केवल सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों का भी दिल जीत लिया। इस युवा सनसनी की आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान पर उनकी परिपक्वता को देखकर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान बल्लेबाज और आईपीएल के ‘मिस्टर 360’ कहे जाने वाले एबी डिविलियर्स भी खुद को उनकी तारीफ करने से रोक नहीं पाए। डिविलियर्स ने वैभव की खेल जागरूकता (Game Awareness) को महज 15 साल की उम्र में “असाधारण” (Remarkable) करार दिया है।
डिविलियर्स की नजर में वैभव की असाधारण प्रतिभा
एबी डिविलियर्स, जो खुद अपनी आक्रामक और रचनात्मक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी जिस तरह से खेल को पढ़ रहे हैं, वह उनकी उम्र के किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत दुर्लभ है। डिविलियर्स के अनुसार, आमतौर पर युवा खिलाड़ी जोश में होश खो बैठते हैं, लेकिन वैभव के पास शॉट सिलेक्शन और गेम को आगे बढ़ाने की जो समझ है, वह परिपक्वता का प्रमाण है। जब एक महान खिलाड़ी जैसे डिविलियर्स किसी युवा पर इतनी बड़ी टिप्पणी करते हैं, तो यह सीधे तौर पर इस बात का संकेत है कि वैभव में भविष्य का बड़ा सितारा बनने के सभी गुण मौजूद हैं।
एलिमिनेटर में वैभव का ‘तूफानी’ प्रदर्शन
मुल्लांपुर के मैदान पर खेले गए उस नॉकआउट मैच में वैभव ने जो पारी खेली, वह सालों तक याद रखी जाएगी। उन्होंने केवल 29 गेंदों का सामना करते हुए 97 रनों की तूफानी पारी खेली, जिससे राजस्थान रॉयल्स के स्कोरबोर्ड में रनों की बरसात हो गई। उनकी इस पारी ने न केवल टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुँचाया, बल्कि 47 रनों की निर्णायक जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने क्वालीफायर 2 में अपनी जगह पक्की कर ली है। उनकी यह पारी एक बार फिर से इस बात की पुष्टि करती है कि क्यों उन्हें इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा ‘ब्रेकआउट स्टार’ माना जा रहा है।
दबाव में भी वैभव का बेखौफ अंदाज
नॉकआउट मैचों का दबाव अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा देता है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के लिए यह किसी सामान्य अभ्यास सत्र की तरह था। सनराइजर्स हैदराबाद जैसे मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने उन्होंने जिस तरह की निडरता दिखाई, वह उनके मानसिक साहस को दर्शाती है। 12 गगनचुंबी छक्के और पांच शानदार चौकों के साथ उनकी स्ट्राइक रेट ने खेल के पूरे समीकरण को बदल दिया। एबी डिविलियर्स की तारीफ का मुख्य कारण भी यही है कि वैभव केवल ताकत के दम पर नहीं, बल्कि सूझबूझ के साथ गेंदबाजों की कमजोरी को निशाना बना रहे थे।
भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद
वैभव का उदय भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। जिस तरह से आईपीएल जैसे बड़े मंच पर युवा खिलाड़ी निडर होकर खेल रहे हैं, वह भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ (Bench Strength) के लिए बहुत शुभ है। वैभव की बल्लेबाजी शैली में न केवल आक्रामकता है, बल्कि उनके पास अपनी तकनीक और रक्षात्मक कौशल को भी समय के साथ निखारने की क्षमता है। राजस्थान रॉयल्स की टीम और कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन में, वैभव धीरे-धीरे एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ने की क्षमता रखते हैं।
भविष्य की राह
एबी डिविलियर्स की सराहना वैभव के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अब क्वालीफायर 2 में जब राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला गुजरात टाइटन्स से होगा, तो सभी की निगाहें एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी। 15 साल की इस कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी और प्रशंसा को संभालना वैभव की परिपक्वता का ही परिणाम है। क्रिकेट प्रेमी अब इस युवा सितारे के बल्ले से और भी करिश्माई पारियों की उम्मीद कर रहे हैं। यदि वे इसी लय और खेल समझ को बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब वैभव सूर्यवंशी का नाम दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों की सूची में शुमार होगा। डिविलियर्स का उन पर भरोसा इस बात की मोहर लगाता है कि भारत को एक नया ‘सुपरस्टार’ मिल चुका है।