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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा का समापन इटली के साथ ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ करके किया। जानिए इस यात्रा के मुख्य परिणाम, व्यापार लक्ष्य और रक्षा सहयोग।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा का समापन इटली के साथ एक नए और ऐतिहासिक अध्याय के साथ किया है। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ व्यापक चर्चा की, जिसके परिणामस्वरूप भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) के स्तर पर उन्नत करने का निर्णय लिया गया।
साझेदारी में नई गति और सहयोग के नए क्षेत्र
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मेलोनी के बीच हुई वार्ता में भविष्य के सहयोग के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में आई ‘मजबूत गति’ का स्वागत किया। इस साझेदारी के तहत रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे संवेदनशील विषय शामिल थे। शिक्षा, संस्कृति और ‘पीपल-टू-पीपल’ संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
Concluding a very productive visit to Italy. My discussions with Prime Minister Giorgia Meloni covered a wide range of sectors. A key outcome of the visit was our decision to elevate India-Italy ties to a Special Strategic Partnership, which will add new momentum to our… pic.twitter.com/3zjtt6uVeL
— Narendra Modi (@narendramodi) May 20, 2026
भारत और इटली ने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने निजी क्षेत्रों को एक-दूसरे के देशों में निवेश करने और लचीली आपूर्ति श्रृंखला (resilient supply chains) बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
रक्षा सहयोग और नई पहल’
इस यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली। दोनों देशों ने ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ के माध्यम से सह-डिजाइन, सह-विकास और रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन के लिए एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इसमें हेलीकॉप्टर, नौसैनिक प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम जैसे क्षेत्र शामिल हैं। साथ ही, समुद्री सुरक्षा पर एक नए संवाद की शुरुआत का भी निर्णय लिया गया है।
‘मेलोडी मोमेंट’ और सांस्कृतिक जुड़ाव
राजनीतिक और रणनीतिक वार्ताओं के बीच, प्रधानमंत्री मोदी का इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी उपहार में देने का वाकया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रहा। यह अनौपचारिक और मधुर संकेत दोनों नेताओं के बीच के व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी को खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय में प्रतिष्ठित ‘एग्रिकोला मेडल’ से भी सम्मानित किया गया, जो वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि के प्रति उनके नेतृत्व को मान्यता देता है।
पांच देशों की सफल यात्रा का समापन
इटली पहुंचने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा की। यह पांच देशों का दौरा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसका उद्देश्य यूरोप और खाड़ी देशों के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना था।
अपनी यात्रा पूरी कर प्रधानमंत्री मोदी अब भारत वापस लौट आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल भारत की वैश्विक छवि को और अधिक सशक्त बनाएगा, बल्कि आने वाले समय में रक्षा, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसरों के द्वार भी खोलेगा। भारत-इटली के बीच हुए नए समझौते और 20 बिलियन यूरो का व्यापार लक्ष्य यह स्पष्ट करते हैं कि दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए एक दीर्घकालिक और ठोस साझेदारी का आधार तैयार हो चुका है।