Table of Contents
IPL 2026 डगआउट में मोबाइल फोन विवाद सुलझा! BCCI की ACU ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर 1 लाख का जुर्माना लगाया, वहीं युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को मिली ‘क्लीन चिट’। जानें क्या था पूरा मामला।
(RR) के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। टीम मैनेजर रोमी भिंडर को आईपीएल के भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के उल्लंघन मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूनतम जुर्माने और चेतावनी के साथ छोड़ दिया है। इस विवाद में फंसे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब एक मैच के दौरान रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते देखा गया था। यह बीसीसीआई के ‘खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के क्षेत्रों’ (PMOA) के न्यूनतम मानकों का उल्लंघन था। उस समय 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी उनके पास बैठे स्क्रीन की ओर देख रहे थे।
जांच में क्या निकला?
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई (ACSU) ने भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। भिंडर ने 48 घंटे की समय सीमा के भीतर जवाब दिया और अपने मेडिकल रिकॉर्ड पेश किए।
- मेडिकल इमरजेंसी: जांचकर्ता भिंडर के स्पष्टीकरण से संतुष्ट थे। उन्होंने पाया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उन्हें डगआउट में फोन पास रखना पड़ा।
- सजा का स्वरूप: मामले की गंभीरता कम देखते हुए, बीसीसीआई ने उन्हें केवल एक औपचारिक चेतावनी और मामूली जुर्माना लगाकर मामला बंद कर दिया है।
वैभव सूर्यवंशी पर कोई कार्रवाई नहीं
बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:
“वैभव सूर्यवंशी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। वह अभी बच्चा है, और शायद फ्रेंचाइजी उसे नियमों के बारे में बेहतर तरीके से समझा सकती है। एक युवा खिलाड़ी को डराने का कोई मतलब नहीं है।”
नियमों की सख्ती क्यों?
बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, लाइव मैच के दौरान पीएमओए (PMOA) क्षेत्रों में मोबाइल फोन या किसी भी संचार उपकरण का उपयोग प्रतिबंधित है। यह नियम सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया है। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह राहत की बात है क्योंकि अतीत में टीम ने फिक्सिंग के कारण प्रतिबंध का सामना किया है।