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भारत और न्यूजीलैंड के बीच 20 मिलियन डॉलर का FTA हुआ। पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने व्यापार, निवेश, खेल और शिक्षा में सहयोग को बढ़ाने का वादा किया।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस समझौते की घोषणा की, जो दोनों देशों के बीच 20 मिलियन डॉलर के निवेश को लेकर होगा। दोनों नेताओं ने इस समझौते के माध्यम से खेल, शिक्षा, और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में संबंधों के विस्तार पर भी चर्चा की और इसे आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
भारत-न्यूजीलैंड FTA: एक ऐतिहासिक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस डील को लेकर खुशी जाहिर की और लिखा, “भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते में एक नया और ऐतिहासिक पल आया है। इस मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने में केवल 9 महीने लगे। यह दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” मोदी ने आगे लिखा, “FTA के बाद व्यापार में बेहतर पहुंच, बढ़ता निवेश, और छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), किसानों, व्यापारियों, छात्रों और युवाओं के लिए नये अवसर खुलेंगे।”
An important moment for India-New Zealand relations, with a strong push to bilateral trade and investment!
My friend PM Christopher Luxon and I had a very good conversation a short while ago following the conclusion of the landmark India-New Zealand Free Trade Agreement.…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 22, 2025
FTA से दोनों देशों को मिलेंगे ये फायदे
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह FTA अगले 5 वर्षों में व्यापार को दोगुना करने की उम्मीद जता रहा है। इस समझौते से न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा, जो विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। दोनों देशों के बीच यह साझेदारी खेल, शिक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत होगी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और गहराई आएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत के युवा, स्टार्टअप्स और सरकार की नीतियों से जुड़ी संभावनाएं बढ़ेंगी, जो इस साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे।
भारत का 7वां एफटीए
यह भारत का 7वां FTA है, जो पिछले कुछ वर्षों में ओमान, ब्रिटेन, ईएफटीए देशों, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के साथ हुआ था। दोनों देशों के नेताओं ने यह माना कि इस समझौते से व्यापार, निवेश, नवाचार और साझे अवसरों में वृद्धि होगी। दोनों देशों के बीच रक्षा, खेल, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों में भी प्रगति होने की उम्मीद जताई गई।
साझेदारी की आगे की दिशा
इस समझौते के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने यह भी कहा कि अगले 5 वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होगा, और आने वाले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 बिलियन डॉलर का निवेश होने की संभावना जताई गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा कि इस समझौते की बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी और 9 महीने के रिकॉर्ड समय में इसे पूरा किया गया। यह दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की साझा महत्वाकांक्षा और राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।