मीथेनॉल के दुरुपयोग से होने वाले खतरों पर साकेत नशा मुक्ति केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
– मीथेनॉल युक्त अवैध शराब बन रही मौत की वजह: परमिंदर कौर
– लोगों को बताई गई मीथेनॉल से होने वाली स्वास्थ्य हानियों की पूरी जानकारी
पटियाला, 13 जुलाई:
पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र साकेत में भर्ती व्यक्तियों को मीथेनॉल के दुरुपयोग से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर परमिंदर कौर मंचंदा ने किया। उन्होंने बताया कि मीथेनॉल एक जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल कुछ असामाजिक तत्व अवैध शराब बनाने में करते हैं। ऐसी शराब का सेवन लोगों की जिंदगी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मीथेनॉल से बनी अवैध शराब के सेवन से अंधापन, गुर्दे की विफलता, तंत्रिका तंत्र पर असर, मस्तिष्क में सूजन और मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग इस तरह की शराब से सतर्क रहें और ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मीथेनॉल युक्त शराब का सेवन कर लेता है तो उसे चक्कर आना, उल्टियां, सिरदर्द, धुंधला दिखना, पेट दर्द और मिचलाहट जैसे लक्षण हो सकते हैं।