7-Eleven ने भारत में अपने सभी 31 स्टोर 30 सितंबर को बंद कर दिए हैं। रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी में शुरू हुआ कारोबार पांच साल बाद समाप्त हो गया। जानिए इसके पीछे की चुनौतियां और कंपनी की आगे की योजना।
दुनियाभर में सुविधा स्टोर और तुरंत खरीदारी के लिए मशहूर रिटेल ब्रांड 7-Eleven ने भारत में अपना मौजूदा कारोबार बंद कर दिया है। कंपनी ने देश में बचे सभी 31 स्टोर बंद कर दिए हैं, जिसके साथ भारत में उसका करीब पांच साल का सफर फिलहाल समाप्त हो गया है। मुंबई और पुणे में संचालित ये स्टोर 30 सितंबर को बंद किए गए। भारत में 7-Eleven का संचालन रिलायंस रिटेल कर रही थी, जिसने जापान की कंपनी Seven & i Holdings के साथ मास्टर फ्रेंचाइजी समझौता किया था। 7-Eleven ने अक्टूबर 2021 में भारतीय बाजार में प्रवेश किया था और शुरुआत में इसे देश के तेजी से बढ़ते खुदरा कारोबार में विस्तार की संभावना के रूप में देखा गया था। हालांकि, समय के साथ कंपनी के स्टोर की संख्या घटती गई और आखिरकार सभी मौजूदा आउटलेट बंद करने का फैसला लिया गया। इस घटनाक्रम ने भारत के सुविधा स्टोर कारोबार में प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलती खरीदारी की आदतों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
भारत में बंद हुए 7-Eleven के सभी 31 स्टोर
7-Eleven के भारतीय कारोबार का संचालन रिलायंस रिटेल के माध्यम से किया जा रहा था। कंपनी के स्टोर मुंबई और पुणे में मौजूद थे। Seven & i Holdings के एक प्रवक्ता ने बयान में पुष्टि की कि भारत में उसके मास्टर फ्रेंचाइजी साझेदार रिलायंस ने 30 सितंबर को सभी 31 स्टोर बंद कर दिए हैं।
इस फैसले के बाद भारत में 7-Eleven के मौजूदा स्टोर नेटवर्क का संचालन समाप्त हो गया है। हालांकि, कंपनी ने यह संकेत भी दिया है कि भारत में ग्राहकों को सेवाएं देने की उसकी महत्वाकांक्षा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। Seven & i Holdings ने कहा है कि वह लंबे समय में भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार करेगी।
फिलहाल कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह भारत में दोबारा कब प्रवेश करेगी, किस कारोबारी मॉडल के तहत काम करेगी या किसी नए साझेदार के साथ समझौता करेगी या नहीं।
अक्टूबर 2021 में मुंबई से हुई थी शुरुआत
7-Eleven ने अक्टूबर 2021 में रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी के जरिए भारत में अपना पहला स्टोर खोला था। उस समय भारतीय खुदरा बाजार में सुविधा स्टोर के कारोबार को विस्तार देने की संभावनाएं देखी जा रही थीं। इस तरह के स्टोर ग्राहकों को स्नैक्स, पेय पदार्थ, रोजमर्रा की जरूरतों का सामान और अन्य उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते हैं।
भारत में शुरुआत के बाद 7-Eleven ने अपने नेटवर्क का विस्तार किया और एक समय उसके स्टोर की संख्या करीब 60 तक पहुंच गई थी। लेकिन बाद में कंपनी का नेटवर्क सिमटने लगा। कारोबार के अंतिम चरण में केवल 31 स्टोर बचे थे, जो मुंबई और पुणे में संचालित हो रहे थे।
अब इन सभी आउटलेट के बंद होने से कंपनी की भारत में मौजूदा खुदरा उपस्थिति समाप्त हो गई है। हालांकि, Seven & i Holdings की ओर से भविष्य में बाजार में लौटने की संभावनाओं को खुला रखा गया है।
आखिर क्यों बंद हुए 7-Eleven के स्टोर?
Seven & i Holdings ने स्टोर बंद करने के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में स्थानीय खुदरा कारोबारियों से प्रतिस्पर्धा और तेजी से बढ़ती क्विक-कॉमर्स सेवाओं को कारोबार के सामने मौजूद चुनौतियों में शामिल किया गया है।
भारत में ग्राहक अब किराने का सामान, चिप्स, बिस्कुट, पेय पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें मोबाइल ऐप के जरिए भी मंगा सकते हैं। कई क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में सामान घर तक पहुंचाने का दावा करते हैं। इससे ग्राहकों के लिए सुविधा स्टोर तक जाने के बजाय घर बैठे खरीदारी करना आसान हुआ है।
इसके अलावा, भारत के खुदरा बाजार में स्थानीय किराना दुकानें, सुपरमार्केट और अन्य संगठित रिटेल कंपनियां पहले से मौजूद हैं। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में सुविधा स्टोर के लिए ग्राहकों को लगातार आकर्षित करना और लाभदायक कारोबार बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, इन परिस्थितियों को 7-Eleven के बंद होने का आधिकारिक और एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता, क्योंकि कंपनी ने अपने फैसले की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है।
वित्तीय आंकड़ों में भी दिखीं कारोबारी चुनौतियां
7-Eleven के भारतीय कारोबार से जुड़ी कंपनी 7-India Convenience Retail के वित्तीय आंकड़े भी चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं। Entrepreneur India में प्रकाशित वित्तीय जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान इस कारोबार का राजस्व करीब 92 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध घाटा लगभग 90 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
राजस्व और घाटे के बीच यह अंतर कारोबार की लाभप्रदता को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर स्टोर बंद करने के पूरे फैसले की वजह तय नहीं की जा सकती। किसी रिटेल नेटवर्क की सफलता पर किराया, कर्मचारियों का खर्च, सप्लाई चेन, उत्पादों की बिक्री, ग्राहकों की संख्या और प्रतिस्पर्धा जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
भारत जैसे बड़े बाजार में विस्तार की संभावनाएं होने के बावजूद किसी ब्रांड के लिए लाभ कमाना आसान नहीं होता। खासकर तब, जब ग्राहकों की खरीदारी की आदतें तेजी से बदल रही हों और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं पारंपरिक खुदरा मॉडल को चुनौती दे रही हों।
भारत में वापसी की संभावना अभी खत्म नहीं
सभी स्टोर बंद होने के बावजूद Seven & i Holdings ने भारतीय बाजार के लिए भविष्य के विकल्प तलाशने की बात कही है। कंपनी के अनुसार, भारत में ग्राहकों को सेवाएं देने की उसकी महत्वाकांक्षा बनी हुई है और वह लंबे समय में अपनी मौजूदगी विकसित करने के विभिन्न रास्तों पर विचार करेगी।
हालांकि, कंपनी ने अभी तक किसी नए फ्रेंचाइजी साझेदार, दोबारा स्टोर खोलने की समयसीमा या नई कारोबारी रणनीति की घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल भारत में 7-Eleven की वापसी को लेकर कोई निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कुल मिलाकर, 7-Eleven के सभी 31 स्टोर बंद होना भारत के सुविधा स्टोर कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इसका मौजूदा सफर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन कंपनी ने भविष्य में भारतीय बाजार में संभावित वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है।