मेट्रो शहरों में बढ़ते शहरीकरण का प्रभाव

मेट्रो शहरों में बढ़ते शहरीकरण का प्रभाव

संविधान के अनुच्छेद 243 डब्ल्यू के प्रावधानों के अनुसार, सातवीं और बारहवीं अनुसूची के साथ, शहरी विकास से संबंधित मामले राज्यों/शहरी स्थानीय निकायों के दायरे में आते हैं। हालांकि, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) अपने प्रमुख मिशनों/कार्यक्रमों जैसे, कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत 2.0), स्मार्ट सिटीज मिशन (एससीएम), स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू 2.0), प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और शहरी परिवहन के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को उनके शहरी विकास एजेंडे में कार्यक्रम संबंधी सहायता प्रदान करता है। चेन्नई, दिल्ली और मुंबई सहित मेट्रो शहरों पर शहरीकरण के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए, साथ ही स्थायी बदलाव को प्रोत्साहन देने के लिए, मिशन और कार्यक्रम जल निकायों के कायाकल्प, अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग के स्रोत, पैदल चलने योग्य पथ की सुविधा और गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देना, वर्षा जल संचयन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता एवं साफ-सफाई और अन्य जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाली परियोजनाओं को प्रोत्साहन देते हैं।

 

कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत):

नियोजित शहरीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए, 500 अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने पर अमृत के अंतर्गत एक उप योजना कार्यान्वयन के अधीन है, ताकि राज्यों को अमृत शहरों में मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता मिल सके। उप-योजना का उद्देश्य जियो डेटाबेस निर्माण और जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करना है। इसके अलावा अमृत 2.0 के अंतर्गत, छोटे शहरों में योजना पहल करने के लिए राज्यों को वित्तीय और तकनीकी रूप से सहायता देने के लिए 50,000 – 99,999 की आबादी वाले द्वितीय श्रेणी के शहरों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने की योजना शुरू की गई है।

शहरी नियोजन सुधारों के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता की योजनाएं’ शुरू की गईं। इस योजना के अंतर्गत, राज्यों को शहरी नियोजन को एक उपकरण के रूप में उपयोग करके भूमि-उपयोग, सतत विकास, सामर्थ्य और राजस्व सृजन में दक्षता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

स्मार्ट सिटी मिशन:

स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य बढ़ती शहरी आबादी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए छोटे और मझोले शहरों को तैयार करना है ताकि बहुत बड़ी आबादी वाले शहरों के बोझ को कम करने में सहायता मिल सके।

 

स्वच्छ भारत मिशन- शहरी (एसबीएम-यू 2.0):

1 अक्टूबर 2021 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू 2.0) में सभी शहरों में नगरपालिका ठोस कचरे के शत-प्रतिशत सुरक्षित वैज्ञानिक प्रसंस्करण का लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) घटक शामिल है। इसमें निर्माण और तोडफोड वाले कचरे (सी एंड डी) का प्रसंस्करण भी शामिल है।

यह जानकारी आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

source – pib.gov.in

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