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अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अरण्य समागम में वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत करने पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘अरण्य समागम’ में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ रहा, जिसमें देशभर से वन और पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञ और प्रकृति प्रेमियों ने हिस्सा लिया।
वन संरक्षण जीवन और प्रकृति के लिए अनिवार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वन संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीव सृष्टि के अस्तित्व के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ के मूल मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी सर्वोपरि है।
वन संरक्षण जीव सृष्टि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ के मूलमंत्र के साथ डबल इंजन सरकार प्रदेश के पारिस्थितिकी संतुलन को और बेहतर बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।
अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर आज अरण्य समागम ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय… pic.twitter.com/aduG3NDJup
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 21, 2026
पारिस्थितिकी संतुलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश में पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत करने और वन क्षेत्र के सतत विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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सम्मान समारोह और विशेष पहल
इस अवसर पर वन विभाग की प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। मानव और वन्यजीव संघर्ष के दौरान बहादुरी दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। साथ ही वन विभाग के उत्कृष्ट कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों को उनके योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कार्बन क्रेडिट से जुड़े चेक का वितरण भी किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रकृति प्रेमियों का स्वागत और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी वन प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस की शुभकामनाएं दीं और देशभर से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल सकती है।