क्या नंबर 3 पर यस्तिका भाटिया का प्रयोग सही है? नासिर हुसैन ने बताया भारतीय टीम की रणनीति का असर

क्या नंबर 3 पर यस्तिका भाटिया का प्रयोग सही है? नासिर हुसैन ने बताया भारतीय टीम की रणनीति का असर

 

टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम ने यस्तिका भाटिया को नंबर 3 पर प्रमोट किया है। नासिर हुसैन ने इस बदलाव और यस्तिका की फिटनेस पर अपनी राय दी।

2026 आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपनी बल्लेबाजी क्रम में एक बड़ा बदलाव किया है। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली द्विपक्षीय सीरीज में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने यस्तिका भाटिया को नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा, जबकि जेमिमा रोड्रिग्स को नंबर 4 पर स्थानांतरित कर दिया गया। यह निर्णय भारतीय बल्लेबाजी को अधिक आक्रामक और गहराई देने की कोशिश माना जा रहा है। यस्तिका का प्रदर्शन इस सीरीज में मिश्रित रहा, लेकिन उन्होंने अपनी क्षमता की झलकियाँ जरूर दिखाई हैं।

यस्तिका के प्रदर्शन का विश्लेषण

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में यस्तिका की शुरुआत एक शानदार अर्धशतक के साथ हुई, जिसने कोचों के इस फैसले को सही साबित किया। हालांकि, दूसरे मैच में वह लय हासिल करने के लिए जूझती नजर आईं और 36 गेंदों में 33 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हो गईं। लेकिन तीसरे और अंतिम टी20 मैच में उन्होंने जोरदार वापसी की और मात्र 18 गेंदों में 32 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 7 चौके जड़े।

यस्तिका का करियर स्ट्राइक रेट (99.10) भले ही आधुनिक टी20 क्रिकेट के मानकों के अनुसार थोड़ा कम माना जा रहा हो, लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। इंग्लैंड में खेलते हुए उनका स्ट्राइक रेट बढ़कर 116.21 हो गया है, जो यह दर्शाता है कि वह आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए अधिक तत्पर हैं।

नासिर हुसैन का समर्थन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर नासिर हुसैन का मानना है कि यस्तिका को नंबर 3 पर खिलाना एक बेहतरीन फैसला है। जियोस्टार मीडिया डे के दौरान उन्होंने कहा, “हालिया प्रदर्शन को देखते हुए, मैं इस फैसले के पक्ष में हूँ। यस्तिका एक बेहतरीन ‘बाउंड्री हिटर’ हैं। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना जैसे आक्रामक ओपनर्स के बाद यस्तिका का नंबर 3 पर आना टीम को मजबूती देता है। इसके बाद जेमिमा और हरमनप्रीत कौर हैं, जो पारी को संभाल भी सकती हैं और तेजी से रन भी बना सकती हैं। अंत में ऋचा घोष टीम को एक बड़ा फिनिश दे सकती हैं।”

हुसैन के अनुसार, भले ही यस्तिका ने बहुत बड़ी पारियां न खेली हों, लेकिन उनकी 20-25 गेंदों में 30 रन बनाने की क्षमता टीम के लिए बहुत फायदेमंद है। उनका मानना है कि यस्तिका की आक्रामकता भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर में एक नई जान फूंक सकती है।

चोट और फिटनेस पर चिंता

नासिर हुसैन ने यस्तिका के नंबर 3 पर होने का समर्थन तो किया, लेकिन उन्होंने एक अहम चिंता भी जाहिर की है। उन्होंने यस्तिका की विकेटों के बीच दौड़ (mobility) पर सवाल उठाए हैं। पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप के कैंप के दौरान यस्तिका के घुटने में गंभीर चोट (ACL injury) लगी थी, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा और सर्जरी करानी पड़ी।

हुसैन ने कहा, “मेरी एकमात्र चिंता उनकी फिटनेस है। सर्जरी के बाद से वह विकेटों के बीच वैसी फुर्तीली नहीं दिख रही हैं। इंग्लैंड सीरीज के दौरान वह दो बार रन आउट हुईं। यह एक गंभीर समस्या हो सकती है, खासकर तब जब वह जेमिमा जैसी तेज धाविका के साथ बल्लेबाजी कर रही हों। टीम को इस पर नजर रखने की जरूरत है।” हालांकि, हुसैन ने यह भी स्वीकार किया कि यस्तिका को नंबर 3 पर खिलाने से बल्लेबाजी में जो गहराई (depth) आती है, वह टीम के लिए बहुत कीमती है।

भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड कप की रणनीति

टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी का रोल तय होना जरूरी है। यस्तिका का नंबर 3 पर होना यह संकेत देता है कि भारतीय टीम अब ‘पावर-हिटिंग’ पर अधिक ध्यान दे रही है। यदि यस्तिका विकेटों के बीच अपनी दौड़ और फिटनेस में सुधार कर लेती हैं, तो वह भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप की सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं।

भारतीय टीम के पास इस समय अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का एक बेहतरीन मिश्रण है। स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा के साथ मिलकर यस्तिका का तेजी से रन बनाना विपक्षी टीमों के गेंदबाजों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। कोच अमोल मजूमदार और टीम प्रबंधन यस्तिका के इस प्रयोग को वर्ल्ड कप में भी जारी रखने के लिए आश्वस्त दिख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यस्तिका वर्ल्ड कप के बड़े मंच पर नासिर हुसैन के विश्वास और टीम के भरोसे पर कितनी खरी उतरती हैं।

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