केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन अहम बिल पेश किए। जानें संविधान संशोधन और परिसीमन विधेयक 2026 के मुख्य बिंदु
गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े तीन महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन में पेश किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव था। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करना है और 2029 के आम चुनाव से पहले देश की संसदीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाना है।
इन प्रस्तावों से न केवल महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, बल्कि लोकसभा के सदस्यों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
लोकसभा सीटों में भारी वृद्धि होगी: इन तीन बिलों में से सबसे महत्वपूर्ण संसदीय ढांचे में बदलाव है, जो 543 से 850 तक बढ़ जाएगा। बढ़ती जनसंख्या और अधिक प्रतिनिधित्व के लिए वर्तमान 543 लोकसभा सीटों को 850 करने का प्रस्ताव है। इनमें से कुछ:
- राज्यों में: 815 सीटें हैं।
- केंद्र शासित राज्यों में: 35 सीटें हैं।
क्या तीन विधेयक हैं?
1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026
सबसे महत्वपूर्ण बिल है जो इस पूरी प्रक्रिया में पारित किया जाएगा। इससे संविधान का अनुच्छेद 81 संशोधित होगा।
- नवीनतम परिभाषा: ताकि आरक्षण लागू हो सके, इसके तहत जनसंख्या के नए आंकड़ों और परिभाषा को समझाया जाएगा।
- सीटों का आकार: मुख्य लक्ष्य 850 लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा है। यह लागू होने के बाद ही 33% महिला आरक्षण का लाभ सीटों पर दिखेगा।
2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन), 2026:
यह विधेयक विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों पर विशेष ध्यान देता है।
- लक्षण: दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें देना
- सीटों का पुनर्गठन: इन क्षेत्रों में भी सीटों की संख्या को नया बनाया जाएगा।
3. परिसीमन विधेयक, 2026: 1976 से,
1976 से, सरकार ने इसे ‘समय की मांग’ कहा, लोकसभा की सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- मूल्य: हाल ही में हुई जनगणना (2011) परिसीमन की प्रक्रिया का आधार होगा।
- परिसीमन कार्यक्रम: प्रत्येक राज्य में एक परिसीमन आयोग होगा, जो सभी राजनीतिक दलों से चर्चा करके सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।
2030: इन विधेयकों के पारित होने के बाद, 2029 का लोकसभा चुनाव भारत के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद के निचले सदन में पहली बार 280 से अधिक महिला सांसद चुनकर आएंगी। सरकार का दावा है कि परिसीमन और सीटों में वृद्धि से न केवल महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा, बल्कि अधिक सीटों से जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जनता से संपर्क करना और विकास कार्यक्रमों को लागू करना आसान हो जाएगा।