स्विगी के सह-संस्थापक लक्ष्मी नंदन रेड्डी ओबुल ने इनोवेशन हेड के पद से इस्तीफा दिया। 1 जून से फणी किशन और राहुल बोथरा बोर्ड में शामिल होंगे।
स्विगी (Swiggy) में बड़े बदलाव: को-फाउंडर लक्ष्मी नंदन रेड्डी ओबुल ने दिया इस्तीफा, बोर्ड में शामिल होंगे नए चेहरे
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स की दिग्गज कंपनी स्विगी (Swiggy) ने अपने बोर्ड स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। कंपनी के को-फाउंडर लक्ष्मी नंदन रेड्डी ओबुल (Lakshmi Nandan Reddy Obul) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 10 अप्रैल, 2026 से ‘होल-टाइम डायरेक्टर’ और ‘हेड ऑफ इनोवेशन’ की भूमिका छोड़ दी है।
नंदन रेड्डी का विदाई संदेश
नियामक फाइलिंग के अनुसार, नंदन रेड्डी अब अपने अन्य पेशेवर हितों और व्यक्तिगत रुचियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। अपने त्याग पत्र में उन्होंने लिखा:
“मैं 10 अप्रैल, 2026 से स्विगी के होल-टाइम डायरेक्टर और हेड ऑफ इनोवेशन के पद से औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा दे रहा हूं। अपने अगले चरण के लिए, मैं उन नए क्षेत्रों की खोज करूंगा जिनके प्रति मैं हमेशा से जिज्ञासु रहा हूं। मैं स्विगी की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करता हूं और हमेशा कंपनी का सबसे बड़ा प्रशंसक (cheerleader) बना रहूंगा।”
स्विगी के ग्रुप सीईओ श्रीहर्षा मजेटी ने ओबुल के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें एक “दूरदर्शी शक्ति” बताया, जिन्होंने बेंगलुरु के एक मोहल्ले से शुरू हुए सफर को देशभर में पहुंचाने में मदद की।
बोर्ड में नए सदस्यों की एंट्री
नंदन रेड्डी के जाने के साथ ही कंपनी ने बोर्ड में नई नियुक्तियों को भी मंजूरी दी है:
- रेनन डी कास्त्रो एल्विस पिंटो: प्रोसस वेंचर्स (Prosus Ventures) के प्रतिनिधि के तौर पर नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं। वह रोजर राबलायस की जगह लेंगे।
- फणी किशन अद्देपल्ली और राहुल बोथरा: को-फाउंडर और चीफ ग्रोथ ऑफिसर फणी किशन अद्देपल्ली और ग्रुप सीएफओ राहुल बोथरा 1 जून, 2026 से एडिशनल डायरेक्टर के रूप में बोर्ड में शामिल होंगे।
भविष्य की दिशा और नेतृत्व
ग्रुप सीईओ श्रीहर्षा मजेटी ने कहा कि फणी और राहुल शुरुआती दिनों से ही स्विगी के साथ रहे हैं और कंपनी के सबसे निर्णायक अध्यायों को आकार देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुभव से कंपनी के अगले विकास चरण (Growth Phase) को काफी मदद मिलेगी।