सोमवार, 13 अप्रैल के लिए निफ्टी प्रेडिक्शन। अमेरिका-ईरान वार्ता और क्रूड ऑयल की कीमतों का बाजार पर क्या होगा असर? जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स
भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता (10 अप्रैल तक) पिछले पांच वर्षों में सबसे शानदार रहा, जिसमें निफ्टी ने करीब 6% की बढ़त दर्ज की। हालांकि, सोमवार, 13 अप्रैल को बाजार की शुरुआत भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच उतार-चढ़ाव भरी रहने की उम्मीद है। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) शुक्रवार को 24,020 के स्तर पर बंद हुआ, जो करीब 70 अंकों की गिरावट दर्शाता है।
बाजार की वर्तमान स्थिति और तकनीकी ढांचा
निफ्टी 50 ने 10 अप्रैल को 24,050.60 पर क्लोजिंग दी थी। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत घरेलू मैक्रो आंकड़े रहे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अभी ‘रिकवरी फेज’ में है, इसे पूरी तरह ‘बुलिश ट्रेंड’ नहीं कहा जा सकता।
निफ्टी 23,500 के स्तर को बनाए रखता है, तो यह 24,300-24,700 के जोन तक जा सकता है।
निफ्टी के लिए 24,100-24,350 का बैंड अब एक बड़ी बाधा (Resistance) बन गया है। पहले यह सपोर्ट था, लेकिन अब यह ‘सप्लाई एरिया’ बन चुका है।
सोमवार को बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
- अमेरिका-ईरान वार्ता (इस्लामाबाद): सप्ताहांत में इस्लामाबाद में हो रही इन वार्ताओं के परिणाम पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे बाजार पर दबाव पड़ेगा।
- कच्चे तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड फिलहाल $96 प्रति बैरल के ऊपर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘स्टैगफ्लेशन’ (Stagflation) का डर बना हुआ है।
- FII और DII एक्टिविटी: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अभी भी नेट सेलर बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को अच्छा सहारा दिया है।
- मैक्रो डेटा और कमाई का सीजन: निवेशक अब CPI मुद्रास्फीति के आंकड़ों और Q4 अर्निंग सीजन (जैसे HDFC बैंक, ICICI बैंक और विप्रो) की तैयारी शुरू करेंगे।
नोट: मंगलवार, 14 अप्रैल को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेगा।
निष्कर्ष: उतार-चढ़ाव (Volatility) अभी भी चिंता का विषय
भले ही इंडिया विक्स (India VIX) 19 के आसपास है, लेकिन बाजार की स्थिति अभी भी नाजुक है। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के प्रवेश गौर के अनुसार, तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोरी दिखा रहा है और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण इंट्रा-डे उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है।