शेयर बाजार में आज क्यों आई बड़ी तेजी? 27 जुलाई को 5 दिनों की गिरावट पर लगा विराम

शेयर बाजार में आज क्यों आई बड़ी तेजी? 27 जुलाई को 5 दिनों की गिरावट पर लगा विराम

 

शेयर बाजार में 27 जुलाई को 5 दिनों की गिरावट पर विराम। सेंसेक्स 776 अंक उछला और निफ्टी 23,995 पर बंद हुआ। जानें तेजी के पीछे के 3 मुख्य कारण।

लगातार पांच दिनों की गिरावट के सिलसिले पर पूर्ण विराम लगाते हुए भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन (27 जुलाई) को शानदार रिकवरी दर्ज की। पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में तनाव कम होने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से निवेशकों का भरोसा दोबारा कायम हुआ।

सोमवार को बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 776.01 अंक या 1.02% की जोरदार बढ़त के साथ 76,835.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) 228.50 अंक या 0.96% चढ़कर 23,995.95 के स्तर पर बंद हुआ, जो 24,000 के जादुई आंकड़े से महज कुछ ही अंक दूर रह गया।

बाजार में बढ़त चौतरफा रही। फ्रंटलाइन इंडेक्स के अलावा ब्रॉडर मार्केट में भी जोरदार खरीदारी देखी गई, जहां निफ्टी 500 में 1.05%, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.11% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.31% की मजबूती दर्ज की गई।

शेयर बाजार में आज आई तेजी के 3 मुख्य कारण

1. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से राहत

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष में अचानक आई ढील ने निवेशकों के मन से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की चिंता को दूर किया। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर हमले रोकने के मिले संकेतों से भू-राजनीतिक जोखिम कम हुआ, जिससे निवेशकों ने रिस्क एसेट्स (इक्विटी) में अपना पैसा वापस लगाना शुरू कर दिया।

2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज गिरावट

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल के दामों में गिरावट सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित हुई। ब्रांट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें लगभग 4% से अधिक फिसलकर $92.84 प्रति बैरल के आसपास आ गईं।

क्रूड में गिरावट भारत के लिए क्यों वरदान है?

भारत दुनिया का एक प्रमुख तेल आयातक देश है। कच्चे तेल के दाम कम होने से भारत का आयात बिल कम होता है, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) घटता है, मुद्रास्फीति (महंगाई) पर लगाम लगती है, भारतीय रुपया मजबूत होता है और घरेलू कंपनियों की इनपुट लागत घटने से उनका प्रॉफिट मार्जिन बेहतर होता है।

3. इंडिया विक्स (India VIX) में 9.76% की बड़ी गिरावट

बाजार में निवेशकों के बीच घबराहट और अनिश्चितता को मापने वाला सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 9.76% गिरकर 12.66 के स्तर पर आ गया। VIX में आई यह तेज गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में उथल-पुथल की आशंकाएं खत्म हो रही हैं, जिससे नए और खुदरा निवेशकों में खरीदारी का विश्वास जगा है।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस और टॉप गेनर्स

सोमवार को बाजार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। आईटी, रियल्टी, ऑटो, और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई।

  • निफ्टी आईटी (NIFTY IT): 2.34% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
  • निफ्टी रियल्टी (NIFTY Realty): 2.28% उछला।
  • निफ्टी ऑटो और फार्मा (NIFTY Auto & Pharma): दोनों में 1.5% से अधिक का उछाल आया।

निफ्टी 50 के 50 में से 43 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। आज के टॉप गेनर्स में इटर्नल (5.61%), इंडिगो (InterGlobe Aviation 5.12%), इंफोसिस (3.59%), बजाज फाइनेंस (3.57%) और मैक्स हेल्थकेयर (3.3%) शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर, क्रूड के गिरते दामों से तेल उत्पादक कंपनी ONGC (-4.17%) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

 

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