मलमास या अधिकमास को ज्योतिष शास्त्र में अशुभ क्यों माना जाता है? जानिए इस पवित्र महीने का धार्मिक महत्व और ऐसे विशेष शुभ कार्य जिन्हें करने से आपको भगवान विष्णु की असीम कृपा और पुण्य फल मिल सकता है।
ज्येष्ठ का महीना लगभग समाप्त हो गया है, हिंदू धर्म के अनुसार ज्येष्ठ महीने के बाद मलमास शुरु हो जाता है. मलमास के महीने की शुरुआत 17, मई से लेकर 15, जून तक इसकी समाप्ति होगी.
इस महीने में शादी-विवाह, मुंडन संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों को करना अशुभ माना जाता है, लोग इन दिनों में अपने कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करते, लेकिन क्या आप जानते हैं? कुछ ऐसे कार्य होते हैं, जिन्हें आप रोजाना के दिनों में न करके यदि इस महीनें में करते हो, तो मलमास के इस पावन महीने में करने से आपको इसका 10 गुना अधिक फल मिलता है, यह महीना भगवान विष्णु को भी अत्यंत प्रिय है.
चलिए जानते हैं, मलमास के महीने में आपको कौन-से शुभ कार्य हैं, जिन्हें करना लाभकारी होगा.
1. आध्यात्मिक कार्य
मलमास का यह महीना भगवान विष्णु को अत्यंत ही प्रिय है, इस महीने में आप भगवान विष्णु की पूजा- अराधना कर सकते हो. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप व सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होगा.
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप: इस दौरान आप भगवान शिव की अराधना करते हुए उनके महामृत्युंजय के मंत्र का जाप भी कर सकते हो, इससे आपके जीवन में चल रहे संकटों से मुक्ति मिलेगी और आपके स्वास्थ्य से जुडी समस्याओं का निवारण होगा.
- श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण : मलमास के महीने में आप धार्मिक ग्रंथों का पाठ कर सकते हैं. रामायण और श्रीमद्भागवत को सुनने वा पाठ करने से आपको अत्यंत मानसिक शांति मिलेगी साथ ही आपको पुण्य की प्राप्ति भी होगी.
2. दान- पुण्य और गौ सेवा
मलमास के महीने में किए गए दान का फल दुगुना मिलता है, ऐसे में आप गरीबों व जरुरतमंदों की मदद कर सकते हो, गाय को हरा चारा खिला सकते हो.
- दीपदान करना: मलमास के महीने में किसी मंदिर या पवित्र नदी, या तुलसी माता के समीप आप दीपदान कर सकते हो. ऐसा करने काफी शुभ माना जाता है.
- अन्न दानः मलमास के महीने में अन्न दान करना भी शुभ माना जाता है, आप किसी गरीब या जरुरत मंद को अन्न दान कर सकते हो. व ब्राह्माणों को मंदिर में जाकर भी दान कर सकते हो.
- वस्त्र दान: मलमास के महीने में वस्त्रों का दान करना भी फलदायी होता है, ध्यान रहे, कि आप पूरी श्रद्धा भाव के साथ इन कार्यों को करें.
- गौ-सेवा – इस महीने में आपको गाय की सेवा करने का भी फल मिलेगा, आप घर के पास की गौ-शाला में गाय माता को हरा चारा व फल खिला सकते हो.
- तांबे के बर्तन : मलमास में आप तांबे के बर्तनों का भी दान कर सकते हो.
- मालपुआ का दान : आप किसी गरीब को मालपुए का दान कर सकते हो. उन्हें पूरी श्रद्धा-पूर्वक मालपुआ खिला सकते हो.
- पुस्तकों का दानः छोटे बच्चों को उनकी प्रिय पुस्तकों को भेंट कर सकते हो.
3. पूजा -पाठ व आवश्यक कार्य
आप नियमित रुप से भगवान की पूजा – पाठ करते हो उन्हें निरंतर करें, उन्हें रोकने की कोई आवश्यकता नहीं हैं. मलमास के महीनें में यदि किसी पूर्वज की श्राद्घ तिथि आती है, तो उनका भी नियमित रुप से एकोद्दिष्ट श्राद्ध भी किया जा सकता है.
इसके अलावा, यदि इस महीने में कोई शिशु का जन्म होता है. तो उससे जुड़े आवश्यक संस्कार किए जा सकते हैं.
4. तीर्थ यात्रा व नदी स्नान
मलमास का महीना तीर्थ यात्रा के लिए बेहद शुभ माना गया है, ऐसा माना जाता है कि इस महीने में पवित्र नदी में स्नान करके आपके सारे पाप धुल जाते है, व उनसे मुक्ति मिल जाती है
- तीर्थ दर्शन : मलमास में यदि आप तीर्थ यात्रा करने का विचार कर रहे हो, यह भी काफी उत्तम है, आप जगन्नाथ व बद्रीनाथ के दर्शन करने जा सकते हो.