Table of Contents
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजन-2047 के तहत हरियाणा में आधुनिक तकनीक के जरिए जिला अस्पताल से लेकर सब-हेल्थ सेंटर तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और इलाज आसान होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजन-2047 के तहत विकसित देशों की तर्ज पर प्रदेश में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला अस्पतालों तक सीमित न रखकर गांवों और अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही है। इन पहलों के जरिए आम जनता को तेज, पारदर्शी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को अधिक लाभ मिलेगा।
सब-हेल्थ सेंटर तक पहुंचेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा
विजन-2047 के अंतर्गत विकसित देशों की तर्ज पर हरियाणा में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आमजन को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार ने नई पहलें शुरू की हैं। इन्हें जमीनी स्तर तक लेकर जाना है ताकि जिला स्तर, उपमंडल स्तर, सीएचसी तथा पीएचसी के साथ-साथ…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 31, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तक ही नहीं, बल्कि सब-हेल्थ सेंटर तक भी समान स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने आसपास ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
समय और खर्च दोनों की होगी बचत
नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण से लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे मरीजों का समय बचेगा, यात्रा का खर्च कम होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
विजन-2047 के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का विजन-2047 राज्य को स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इसी लक्ष्य के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सके।