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जानें विराट कोहली और नोवाक जोकोविच की गहरी होती दोस्ती के बारे में। जोकोविच ने बताया कि क्यों उन्होंने क्रिकेट देखना शुरू किया और भारत आकर विराट के साथ क्या करने की है उनकी तमन्ना।
खेल की दुनिया में जब दो दिग्गज मिलते हैं, तो केवल रिकॉर्ड नहीं टूटते, बल्कि नए इतिहास रचे जाते हैं। मैदान पर अपनी आक्रामकता और जुनून के लिए मशहूर विराट कोहली ने न केवल क्रिकेट की पिचों पर झंडे गाड़े हैं, बल्कि वैश्विक खेल जगत के सुपरस्टार्स के साथ भी गहरी दोस्ती की जड़ें जमा ली हैं। इस समय सबसे ज्यादा चर्चा टेनिस के बेताज बादशाह नोवाक जोकोविच और विराट कोहली की ‘ब्रोमैंस’ की हो रही है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जोकोविच ने विराट कोहली के प्रति अपने सम्मान और इस अनोखी दोस्ती के भविष्य को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं।
विराट कोहली और नोवाक जोकोविच का कैसे शुरू हुआ दोस्ती का यह सिलसिला?
हैरानी की बात यह है कि इन दो दिग्गजों की यह दोस्ती बहुत पुरानी नहीं है। करीब दो साल पहले तक जोकोविच सिर्फ विराट से मिलने की इच्छा जता रहे थे। लेकिन दोस्ती की यह चिंगारी तब आग की तरह फैली, जब पिछले साल विम्बल्डन के दौरान विराट कोहली स्टैंड्स में जोकोविच का हौसला बढ़ाते नजर आए। मैच के बाद दोनों के बीच की आपसी सराहना ने दुनिया को बता दिया कि खेल की सरहदें इन दोनों के लिए मायने नहीं रखतीं।
दोस्ती की खातिर जोकोविच बने ‘क्रिकेट फैन’
जोकोविच ने इंटरव्यू में एक ऐसी बात कही जिसने भारतीय फैंस का दिल जीत लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि:
“विराट कोहली मेरे अच्छे दोस्त हैं। हम दोनों एक-दूसरे के खेल और उपलब्धियों का बेहद सम्मान करते हैं। इसी दोस्ती की खातिर मैंने अब क्रिकेट को फॉलो करना शुरू कर दिया है।”
जोकोविच ने यह भी साझा किया कि वे और विराट सोशल मीडिया और मैसेज के जरिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं।
भारत दौरे का मास्टर प्लान: टेनिस बनाम क्रिकेट
जब जोकोविच से उनके भारत आने के सपने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक ऐसी इच्छा जाहिर की जो किसी भी खेल प्रेमी के लिए किसी सपने से कम नहीं है। जोकोविच ने कहा:
- साझा खेल: वे चाहते हैं कि जब भी वे भारत आएं, विराट कोहली उनके साथ हों।
- जुगलबंदी: जोकोविच न केवल विराट के साथ टेनिस कोर्ट पर पसीना बहाना चाहते हैं, बल्कि वे विराट के साथ क्रिकेट का बल्ला भी थामना चाहते हैं।
- फैंस का मनोरंजन: उनका मकसद भारत में टेनिस और क्रिकेट दोनों का जश्न मनाकर फैंस को एक यादगार अनुभव देना है।
क्यों खास है यह दोस्ती?
विराट कोहली और नोवाक जोकोविच , दोनों ही अपनी फिटनेस, मानसिक मजबूती और हार न मानने वाले जज्बे के लिए जाने जाते हैं। जोकोविच का यह बयान साफ करता है कि दो अलग-अलग खेलों के महान खिलाड़ी कैसे एक-दूसरे की ऊर्जा से सीख सकते हैं।
यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि जब टेनिस का ‘जोकर’ (जोकोविच) हाथ में बल्ला थामेगा और क्रिकेट का ‘किंग’ (कोहली) टेनिस रैकेट से सर्विस करेगा, तो वह नजारा कितना भव्य होगा। भारतीय फैंस को अब उस दिन का बेसब्री से इंतजार है जब यह जोड़ी मैदान पर एक साथ उतरेगी।