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बीसीसीआई आईपीएल के मैचों को 74 से बढ़ाकर 94 करने की योजना बना रहा है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने पुष्टि की है कि लीग होम-एंड-अवे फॉर्मेट में लौटेगी, लेकिन नई टीमें नहीं जोड़ी जाएंगी।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के भविष्य को लेकर एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। आईपीएल के आगामी सीजन में मैचों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बीसीसीआई के मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार, लीग को पूरी तरह से पुराने ‘होम-एंड-अवे’ (Home-and-Away) फॉर्मेट में वापस लाने की तैयारी है, जिससे मैचों की कुल संख्या 74 से बढ़कर 94 हो सकती है। हालांकि, इस विस्तार के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में एक बड़ी ‘विंडो’ की तलाश की जा रही है।
74 से 94 मैच: आईपीएल विस्तार की नई रूपरेखा
साल 2022 में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के जुड़ने के बाद से आईपीएल 10 टीमों का टूर्नामेंट बन गया है। वर्तमान में, समय की कमी के कारण एक ‘वर्चुअल ग्रुपिंग’ फॉर्मेट का पालन किया जाता है, जिसमें हर टीम दूसरी टीम से दो बार नहीं खेल पाती है। बीसीसीआई अब इस विसंगति को दूर कर एक बार फिर ‘डबल राउंड-रॉबिन’ सिस्टम लागू करना चाहता है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के अनुसार, यदि सभी 10 टीमें एक-दूसरे के खिलाफ घर और बाहर (Home and Away) मैच खेलती हैं, तो मैचों की संख्या सीधे 94 तक पहुंच जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और एफटीपी (FTP) की चुनौतियां
इस विस्तार की राह में सबसे बड़ी बाधा व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। आईसीसी के ‘फ्यूचर टूर प्रोग्राम’ (FTP) के तहत साल 2027 तक का शेड्यूल पहले से ही तय है। ऐसे में अतिरिक्त 20 मैचों के लिए जगह बनाना बीसीसीआई के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, चेयरमैन अरुण धूमल ने संकेत दिया है कि बोर्ड अगले एफटीपी चक्र (Cycle) में आईपीएल के लिए एक बड़ी और विशेष विंडो सुरक्षित करने के लिए अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ बातचीत करेगा।
नई टीमें नहीं, केवल मैचों की संख्या में होगी बढ़ोतरी
आईपीएल के विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए अरुण धूमल ने नई टीमों के शामिल होने की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “मौजूदा टीमों के सेट के साथ ही हम मैचों की संख्या बढ़ा सकते हैं। फिलहाल टीमों की संख्या बढ़ाने का कोई तुक नहीं बनता है। हमारा ध्यान गुणवत्ता और फॉर्मेट को संतुलित करने पर है।” बोर्ड का मानना है कि 10 टीमें एक आदर्श संख्या हैं और अब केवल प्रतियोगिता के ढांचे को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
ब्रॉडकास्टर्स की चिंता और ‘डबल हेडर्स’ का विकल्प
मैचों की संख्या बढ़ाने के लिए एक विकल्प ‘डबल-हेडर्स’ (एक दिन में दो मैच) की संख्या बढ़ाना भी हो सकता है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रॉडकास्टर्स इसके पक्ष में नहीं हैं। उनका तर्क है कि दोपहर के मैचों में व्यूअरशिप कम रहती है, जिससे विज्ञापन राजस्व (Advertising Revenue) प्रभावित होता है। ब्रॉडकास्टर्स चाहते हैं कि मैच प्राइम टाइम पर ही हों, ताकि वे अपने निवेश का अधिकतम लाभ उठा सकें। यही कारण है कि बीसीसीआई अब टूर्नामेंट की अवधि (Duration) को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।