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भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज के बीच हेड कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली में तकरार की अफवाहों पर बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बड़ा बयान दिया है और सच्चाई सामने रखी है।
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड के दौरे पर है, जहाँ दोनों देशों के बीच रोमांचक वनडे सीरीज खेली जा रही है। लेकिन इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के बीच मैदान के बाहर चल रही एक चर्चा ने खेल प्रेमियों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। इस सप्ताह की शुरुआत में भारत और इंग्लैंड के बीच पहले एकदिवसीय मैच से ठीक पहले मीडिया और सोशल मीडिया पर यह कयास तेज हो गए थे कि पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और नए हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गंभीर ने टीम के कई सदस्यों और सहयोगी स्टाफ के साथ लंबा समय बिताया, लेकिन उन्होंने अभ्यास सत्र के दौरान विराट कोहली से कोई बातचीत नहीं की। नेट प्रैक्टिस के दौरान दोनों के बीच दिखी इस कथित दूरी को लेकर यहाँ तक कहा जाने लगा कि दोनों में बातचीत पूरी तरह बंद है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को इनके बीच मध्यस्थता (Mediator) के लिए किसी तीसरे व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए। अब इन सभी दावों पर भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने चुप्पी तोड़ी है।
“अफवाहों पर आती है हंसी, विराट को किसी पुल की जरूरत नहीं” — सितांशु कोटक
टीम के भीतर चल रही इस कथित तकरार और बातचीत बंद होने की खबरों को भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने इन दावों को एक मजाकिया ‘अफवाह’ करार देते हुए हंसकर टाल दिया। कोटक ने दोनों के कामकाजी रिश्तों की असलियत बयां करते हुए कहा, “विराट कोहली और गौतम गंभीर दिन भर में कम से कम 10 बार एक-दूसरे से खुलकर बात करते हैं। मुझे नहीं लगता कि विराट को हेड कोच से संवाद करने के लिए किसी भी तरह के पुल या मध्यस्थ की आवश्यकता है। आपने दोनों के बीच बातचीत की कमी को लेकर सवाल पूछा है, लेकिन मुझे सचमुच नहीं पता कि आप लोगों को ऐसी बातें कहाँ से सुनने को मिलती हैं। ये सब सिर्फ और सिर्फ मनगढ़ंत अफवाहें हैं, जिनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।”
किंग कोहली को बिना मांगे सलाह न देने की खास रणनीति
सितांशु कोटक ने प्रेस वार्ता के दौरान यह भी साफ किया कि विराट कोहली जैसे महान और अनुभवी खिलाड़ी के साथ कोचिंग स्टाफ किस तरह का दृष्टिकोण रखता है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार कोहली की बल्लेबाजी को लेकर कोटक ने कहा, “जब विराट क्रीज पर बल्लेबाजी करने जाते हैं, तो एक बल्लेबाजी कोच के रूप में मैंने हमेशा महसूस किया है कि यदि वे खुद किसी इनपुट या तकनीकी सलाह के लिए हमारे पास नहीं आते, या जब तक कोई बहुत बड़ी खामी न दिख रही हो जो ध्यान खींचने लायक हो, तब तक उन्हें परेशान करने का कोई मतलब नहीं है। आपको विराट जैसे दिग्गज खिलाड़ी को बिना मांगे सलाह (Unsolicited Advice) देने से बचना चाहिए। वे अपने खेल को किसी भी अन्य खिलाड़ी से बेहतर समझते हैं।”
सोफिया गार्डन्स के नेट सत्र में क्या हुई थी बातचीत?
हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि टीम मैनेजमेंट या बैटिंग कोच कोहली से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करने से कतराते हैं। कोटक ने कार्डिफ में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच की पूर्व संध्या पर सोफिया गार्डन्स (Sophia Gardens) में हुए अभ्यास सत्र को याद करते हुए एक अहम वाकया साझा किया। उन्होंने बताया, “हमारे बीच बातचीत लगातार होती रहती है। कार्डिफ टेस्ट और वनडे के प्री-मैच नेट्स से पहले उन्होंने मुझसे फुटवर्क (Footwork) को लेकर कुछ विशेष बातें साझा की थीं। इसके बाद जब नेट सेशन खत्म हुआ, तब भी वे काफी देर तक उस तकनीकी पहलू पर चर्चा कर रहे थे। एक टीम के रूप में हमारा माहौल बेहद सकारात्मक है और कोच व सीनियर खिलाड़ियों के बीच का तालमेल एकदम परफेक्ट है।” इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि कोहली और गंभीर के पुराने आईपीएल विवादों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही ट्रेलिंग थ्योरीज पर अब पूरी तरह विराम लग जाएगा।