उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए: वेद आशीर्वाद और प्रसाद के साथ हुआ भव्य स्वागत

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए: वेद आशीर्वाद और प्रसाद के साथ हुआ भव्य स्वागत

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए। पुजारियों ने उन्हें वेद आशीर्वादम और तीर्थ प्रसादम भेंट किया। जानें उनकी आध्यात्मिक यात्रा का पूरा विवरण।

भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति ने मंदिर की समृद्ध परंपराओं के अनुसार दर्शन किए और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इससे पहले, सोमवार देर रात तिरुमाला पहुँचने पर राज्य के अधिकारियों और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में प्रवेश

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उपराष्ट्रपति ने वैदिक पुजारियों की उपस्थिति में मंदिर परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने सबसे पहले मंदिर के ध्वजस्तंभ के पास मत्था टेका और प्रार्थना की। इसके बाद, उन्होंने मुख्य गर्भगृह में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। दर्शन के उपरांत, मंदिर के रंगनायकुल मण्डपम में पुजारियों ने उन्हें ‘वेद आशीर्वादम’ (वैदिक आशीर्वाद) प्रदान किया।

तीर्थ प्रसादम और स्मृति चिन्ह से सम्मान

दर्शन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मंदिर प्रशासन की ओर से उपराष्ट्रपति को सम्मानित किया गया। उन्हें भगवान वेंकटेश्वर का पवित्र ‘तीर्थ प्रसादम’ भेंट किया गया और स्मृति चिन्ह के रूप में भगवान वेंकटेश्वर का एक भव्य चित्र (Portrait) प्रदान किया गया। उपराष्ट्रपति ने मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य प्रमुख मंदिरों, जैसे वकुलमाता, विमान वेंकटेश्वर स्वामी, भाष्यकार्लु सन्निधि और योग नरसिम्हा स्वामी के दर्शन भी किए।

श्री बेदी आंजनेय स्वामी मंदिर में पूजा

मुख्य मंदिर के दर्शन के बाद, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य मंदिर के ठीक सामने स्थित श्री बेदी आंजनेय स्वामी मंदिर भी गए और वहां पूजा-अर्चना की। तिरुमाला का यह मंदिर दुनिया के सबसे अमीर और श्रद्धेय हिंदू मंदिरों में से एक माना जाता है, जिसका प्रबंधन आधिकारिक संरक्षक संस्था TTD द्वारा किया जाता है। उपराष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मंदिर प्रशासन ने उनके सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की थी।

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