उत्तराखंड में PMAY-U के तहत 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण जारी है। दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत हजारों जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आवासीय परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया है। सरकार की योजना के अनुसार दिसंबर महीने तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। राज्य के आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक की समय सीमा निर्धारित की है। सरकार का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है।
18 परियोजनाओं में बन रहे 15,496 आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत उत्तराखंड में कुल 18 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश के अनुसार इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से करीब 84 प्रतिशत यानी 12,948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य बाकी बचे निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में तैयार मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक 1,271 घरों की चाबियां पात्र परिवारों को दी जा चुकी हैं। इनमें 768 लाभार्थी रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार क्षेत्र से हैं।
30 सितंबर तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
राज्य सरकार ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद तैयार आवासों को पात्र परिवारों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार की कोशिश है कि योजना का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र परिवारों को वास्तविक रूप से उनके घर की चाबी मिल सके। इससे शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को किराये के मकान या अस्थायी आवास की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक 10,200 आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत सबसे अधिक आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए जा रहे हैं। यहां कुल 10,200 मकानों का निर्माण प्रस्तावित है। रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम में 1,872 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा भवानीपुर जसपुर में 1,264, उकरौली-1 सितारगंज में 1,168 और उकरौली-2 सितारगंज में 864 आवास बनाए जा रहे हैं। कनकपुर काशीपुर में 1,256, मटकोटा रुद्रपुर में 928, श्यामनगर गदरपुर में 928, महुवाखेड़ागंज में 824, मानपुर काशीपुर में 512 और गंगापुर गोसाल काशीपुर में 584 आवास पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरिद्वार में 4,528 आवासों का निर्माण
हरिद्वार जिले में भी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत बड़े स्तर पर आवास निर्माण किया जा रहा है। जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयां बनाई जा रही हैं। इनमें मंगलौर में 544, झब्बरपुर में 448, अन्नेखी में 1,152, बेल्दी यानी बेलड़ी रुड़की में 1,088, शिकारपुर में 768 और इंद्रलोक आवासीय योजना के तहत 528 आवास शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
नैनीताल और देहरादून में भी तेजी से काम
नैनीताल जिले के रामनगर स्थित उम्मेदनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे सभी 528 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे क्षेत्र के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं देहरादून जिले में धौलास हाउसिंग स्कीम के अंतर्गत कुल 240 आवासों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 180 आवास तैयार हो चुके हैं। शेष आवासों का निर्माण भी निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इससे राजधानी क्षेत्र में भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।
राज्य सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 75 हजार रुपये होगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना को गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप सरकार विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने योजना में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। पात्र परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार का योगदान 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जा रहा है। इससे लाभार्थियों को अपना घर बनाने या प्राप्त करने में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
गरीब परिवारों के लिए आवास के साथ सम्मान की पहल
उत्तराखंड सरकार द्वारा PMAY-U की परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना भी है। पक्के मकान मिलने से परिवारों को मौसम, असुरक्षित आवास और किराये की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। यदि लंबित परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले महीनों में हजारों परिवारों को अपने नए घर की चाबी मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी उत्तराखंड में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।