Uttarakhand Land Scam: 54 करोड़ के घोटाले में मुख्यमंत्री धामी ने की सख्त कार्रवाई, हरिद्वार DM समेत 3 अफसर सस्पेंड

Uttarakhand Land Scam: 54 करोड़ के घोटाले में मुख्यमंत्री धामी ने की सख्त कार्रवाई, हरिद्वार DM समेत 3 अफसर सस्पेंड

Uttarakhand Land Scam: हरिद्वार में 54 करोड़ के ज़मीन घोटाले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने DM समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया। जानिए पूरी रिपोर्ट और जांच की स्थिति।

Uttarakhand Land Scam Update: उत्तराखंड के हरिद्वार में 54 करोड़ रुपये की ज़मीन खरीद घोटाले ने सूबे की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में सनसनी मचा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गंभीर प्रकरण में हरिद्वार के जिलाधिकारी समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

क्या है हरिद्वार ज़मीन घोटाला? (Uttarakhand Land Scam)

हरिद्वार नगर निगम ने कूड़े के ढेर के पास की अनुपयुक्त और कम कीमत वाली कृषि भूमि को 54 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि न तो ज़मीन की ज़रूरत थी और न ही कोई पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी। यह सौदा प्रशासनिक नियमों को दरकिनार कर किया गया, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?

मुख्यमंत्री धामी ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया:

  • कर्मेन्द्र सिंह (DM, हरिद्वार): ज़मीन खरीद की अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृति देने में संदेहास्पद भूमिका।

  • वरुण चौधरी (पूर्व नगर आयुक्त): बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए खरीद प्रस्ताव को पारित किया।

  • अजयवीर सिंह (SDM): ज़मीन निरीक्षण में लापरवाही और गलत रिपोर्ट शासन तक भेजी।

इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

अब तक की गई अन्य कार्रवाइयां

इस घोटाले में पहले ही कई अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है:

  • रविंद्र कुमार दयाल (प्रभारी सहायक नगर आयुक्त)

  • आनंद सिंह मिश्रवाण (प्रभारी अधिशासी अभियंता)

  • लक्ष्मीकांत भट्ट (कर एवं राजस्व अधीक्षक)

  • दिनेश चंद्र कांडपाल (अवर अभियंता)

साथ ही, सेवा विस्तार प्राप्त संपत्ति लिपिक वेदवाल का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

अब विजिलेंस विभाग करेगा जांच

मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे घोटाले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी है। यह निर्णय यह संकेत देता है कि उत्तराखंड सरकार अब “पद नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता” को प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचारियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ पदाधिकारी क्यों न हो। यह कार्रवाई बाकी अधिकारियों के लिए भी स्पष्ट चेतावनी है कि अब उत्तराखंड में लापरवाही और मिलीभगत का युग समाप्त हो चुका है।

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