उत्तराखंड आबकारी विभाग ने धामी सरकार में शानदार प्रदर्शन किया, 2026-27 के लिए 2604 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया और 90% से अधिक मदिरा दुकानों का आवंटन पूरा किया।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग ने न केवल अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्य पूरे किए हैं बल्कि कई मामलों में पुराने रिकॉर्ड भी तोड़े हैं। यह सफलता सरकार की रणनीति, सख्त निगरानी और पारदर्शी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष परिणाम है।
विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में प्रभावी योजना, मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते लगभग 100 प्रतिशत राजस्व लक्ष्य हासिल किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2604 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि भविष्य में इसे 2693 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की योजना है। अब आबकारी विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व स्रोतों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
90% से अधिक मदिरा दुकानों का आवंटन
आबकारी विभाग ने मदिरा दुकानों के आवंटन प्रक्रिया को तेज किया है। वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक दुकानों का आवंटन पूरा हो चुका है। उधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून जैसे प्रमुख जिलों में इस बार 100 प्रतिशत दुकानों का आवंटन किया गया है। पिछले वर्षों में ये जिले इस मामले में पिछड़े माने जाते थे, लेकिन विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से इसे बदल दिया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अधिकारियों को प्रोत्साहन
बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे विभाग के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बन रहा है। आबकारी विभाग ने मदिरा दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पहले जहां अनियमितताओं की शिकायतें आती थीं, अब व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित और नियंत्रित हो गई हैं।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि आबकारी विभाग का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बढ़ता राजस्व राज्य सरकार को विकास कार्यों और नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराता है।
उत्तराखंड आबकारी विभाग के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन ने न केवल राजस्व वृद्धि में योगदान दिया है, बल्कि जनता के प्रति पारदर्शिता और जिम्मेदारी के नए मानक स्थापित किए हैं।