गोपाल इटालिया ने किया पशुपालकों के हित में प्रस्ताव, गांधीनगर दूध उत्पादक संघ में शामिल करने का आग्रह

गोपाल इटालिया ने किया पशुपालकों के हित में प्रस्ताव, गांधीनगर दूध उत्पादक संघ में शामिल करने का आग्रह

आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने दहेगाम तालुका के 15,000 पशुपालकों के आर्थिक हित के लिए राज्य के सहकार मंत्री जीतु वाघाणी को पत्र लिखा। उनका प्रस्ताव है कि दहेगाम के पशुपालकों को अहमदाबाद के बजाय गांधीनगर दूध उत्पादक संघ से जोड़ा जाए।

आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया द्वारा गांधीनगर जिले के दहेगाम तालुका के पशुपालकों के हित में राज्य के सहकार मंत्री जीतु वाघाणी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर प्रस्तुति की गई थी। पत्र में जोर देकर मांग की गई है कि दहेगाम तालुका के पशुपालकों को अहमदाबाद दूध उत्पादक संघ से जोड़ने के बजाय उनके अपने जिले के गांधीनगर दूध उत्पादक संघ (मधुर डेयरी) के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने पत्र में बताया था कि दहेगाम तालुका में अनुमानित 15000 से अधिक पशुपालक पशुपालन का व्यवसाय करते हैं और प्रतिदिन 60000 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन करके अपना जीवनयापन करते हैं। दहेगाम तालुका सरकारी रिकॉर्ड में गांधीनगर में शामिल होने के बावजूद भी दहेगाम के पशुपालकों को अनिवार्य रूप से अहमदाबाद दूध उत्पादक संघ में ही दूध भरने के नियम से बाध्य किया जाता है और इस बात का पशुपालक कड़ा विरोध कर रहे हैं।

विधायक गोपाल इटालिया ने आगे पत्र में बताया था कि पशुपालकों के अनुसार गांधीनगर जिला दूध उत्पादक संघ में प्रति किलोग्राम फैट का भाव ₹100 से अधिक दिया जाता है, जो अमूल की श्रेणी का है। जबकि अहमदाबाद में ₹100 से कम दिया जाता है जो सबसे कम है। गांधीनगर संघ में दूध के बिल में कोई कटौती नहीं होती जबकि अहमदाबाद संघ में छोटी बचत के नाम पर एक प्रतिशत कटौती की जाती है। गांधीनगर संघ में पशुपालक सदस्य को पशु बीमा की सुविधा है, जबकि अहमदाबाद संघ में पशु बीमा की कोई व्यवस्था नहीं है। गांधीनगर संघ में वर्ष के अंत में 15 प्रतिशत से अधिक का भाव अंतर (बोनस) दिया जाता है, जबकि अहमदाबाद संघ में संघ की वित्तीय स्थिति के अनुसार अनुदान दिया जाता है। गांधीनगर संघ में कुपोषण कटौती नहीं होती जबकि अहमदाबाद संघ में प्रति ग्राहक प्रति माह दस रुपये काटे जाते हैं। गांधीनगर संघ में दूध के पैसे जमा नहीं रखे जाते जबकि अहमदाबाद संघ में मंडलियों के लाखों रुपये जमा रखे जाते हैं।

विधायक गोपाल इटालिया ने पत्र में आगे बताया था कि उपरोक्त तथ्यों के अनुसार यदि दहेगाम तालुका को गांधीनगर दूध उत्पादक संघ के साथ मिल्क हेड एरिया में जोड़ा जाए तो पशुपालकों को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ होगा। सहकारी कानूनों की विभिन्न प्रावधानों का सहारा लेकर और कानून का दुरुपयोग कर पशुपालकों को नुकसान पहुंचाने वाले निर्णय लेने के बजाय ऐसे निर्णय लेने चाहिए जिससे पशुपालकों को लाभ हो। किसी भी कानून या नियम का अंतिम उद्देश्य व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाना होना चाहिए। नियमों का सहारा लेकर पशुपालकों को आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। इसलिए दहेगाम तालुका को गांधीनगर मिल्क हेड एरिया में शामिल कर गांधीनगर जिला दूध उत्पादक संघ (मधुर डेरी) से जोड़ने के लिए तत्काल निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।

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