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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी। जानें नए आदेश, लाभ और इससे प्रभावित कर्मचारी वर्ग की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ा आर्थिक फैसला लिया है। अब एडेड माध्यमिक स्कूलों के कर्मचारियों और शिक्षकों की ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। इससे करीब ढाई लाख लोगों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है।
ग्रेच्युटी सीमा में बदलाव
पूर्व में 60 वर्ष की आयु या मृत्यु की स्थिति में अधिकतम ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपये थी। योगी सरकार ने वित्त विभाग की सहमति के बाद इसे 25 लाख रुपये कर दिया है। शासनादेश 16 मार्च 2026 को जारी किया गया, जो वेतन समिति उत्तर प्रदेश 2016 की सिफारिशों और पेंशन नियमों के संशोधन के अनुरूप है।
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महंगाई भत्ता का प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया कि अगर महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक है, तो भी ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये ही रहेगी। इस निर्णय से एडेड माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए इसका महत्व
यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और भविष्य की योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकार की यह पहल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।