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हरियाणा सरकार थैलेसीमिया मरीजों को ₹3000 मासिक पेंशन और मुफ्त ब्लड ट्रांसफ्यूजन दे रही है। सीएम नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को थैलेसीमिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। जानें पूरी योजना।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश को थैलेसीमिया मुक्त बनाने और इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘थैलेसीमिया मुक्त हरियाणा’ (Thalassemia Free Haryana) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसके तहत मरीजों को न केवल मुफ्त इलाज, बल्कि आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान की जा रही है।
थैलेसीमिया मरीजों को ₹3000 मासिक पेंशन और मुफ्त इलाज
आइए, मिलकर हरियाणा को थैलेसीमिया मुक्त बनाने का संकल्प लें।#Haryana #DIPRHaryana pic.twitter.com/9QMHrSxuUi
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 8, 2026
हरियाणा सरकार ने थैलेसीमिया और हीमोफिलिया से पीड़ित मरीजों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन्हें ₹3,000 प्रति माह की पेंशन देने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में घोषणा की कि प्रदेश के सभी पंजीकृत थैलेसीमिया मरीजों को यह वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है ताकि उनके परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सके। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों में थैलेसीमिया मरीजों के लिए मुफ्त ब्लड ट्रांसफ्यूजन और आवश्यक चिकित्सा परीक्षणों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
रक्तदान में हरियाणा का डंका: राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान
हरियाणा ने रक्तदान के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए केंद्र सरकार से लगातार दो वर्षों (2023-24 और 2024-25) तक ‘एक्सीलेंस इन ब्लड डोनेशन अवार्ड’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 150 से अधिक ब्लड बैंक संचालित हैं। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में रक्त संग्रह 5.92 लाख यूनिट तक पहुंच गया है, जिससे थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त मिलना सुनिश्चित हुआ है। सरकार ने बजट 2026-27 में रक्त सेवाओं को और आधुनिक बनाने के लिए ₹54 करोड़ से अधिक के बजट को मंजूरी दी है।
जागरूकता और जांच: थैलेसीमिया मुक्त समाज की नींव
हरियाणा सरकार का लक्ष्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। ‘ई-रक्तकोष’ (e-RaktKosh) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रक्त की उपलब्धता की निगरानी की जा रही है। सरकार शादी से पहले कुंडली मिलाने के साथ-साथ थैलेसीमिया जांच (HbA2 Test) कराने के लिए युवाओं को प्रेरित कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस वंशानुगत बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
‘विकास भी, विश्वास भी’: संकल्प से सिद्धि की ओर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन करें। सरकार ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं के जलपान भत्ते को भी ₹50 से बढ़ाकर ₹100 करने का प्रस्ताव रखा है। “थैलेसीमिया मुक्त हरियाणा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का वह संकल्प है जिसके जरिए हर प्रभावित बच्चे को मुस्कुराने का हक और स्वस्थ भविष्य देने की गारंटी दी जा रही है।