UP को बड़ी सौगात: ₹23,437 करोड़ की रेल परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, CM योगी ने PM मोदी का जताया आभार

UP को बड़ी सौगात: ₹23,437 करोड़ की रेल परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, CM योगी ने PM मोदी का जताया आभार

“प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ₹23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुढ़वल-सीतापुर और नागदा-मथुरा रेल लाइन विस्तार के लिए पीएम का आभार जताया।”

उत्तर प्रदेश: रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को दी गई मंजूरी की सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने रेल मंत्रालय की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिले लाभान्वित होंगे और मौजूदा रेल नेटवर्क में लगभग 900 किलोमीटर का विस्तार होगा।

यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। इसमें उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से बुढ़वल-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन और नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। सीएम ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, हजारों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य में परिवहन व सेवा विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

आर्थिक विकास और ‘विकसित भारत’ की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के आर्थिक लाभों पर जोर देते हुए कहा कि माल ढुलाई क्षमता बढ़ने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा, “रेल नेटवर्क के विस्तार से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और उत्तर प्रदेश में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।” योगी आदित्यनाथ ने रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ‘आत्मनिर्भर’ व ‘विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

रेलवे की परिचालन क्षमता में होगा सुधार

इससे पहले, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ये रेल खंड ‘हाई-डेंसिटी’ नेटवर्क रूट का हिस्सा हैं। नई रेल लाइनों के निर्माण से प्रमुख शहरों और कस्बों के बीच परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) में सुधार होगा, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता दोनों में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं को बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

लॉजिस्टिक्स क्षमता और माल ढुलाई में मजबूती

इन नई रेल लाइनों के निर्माण से न केवल यात्री सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलेगी। ‘मल्टी-ट्रैकिंग’ से मालगाड़ियों के आवागमन के लिए अलग और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे कोयला, सीमेंट और खाद्यान्न जैसे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तेजी से सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने से उत्तर प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

सतत विकास और रोजगार के नए अवसर

बुनियादी ढांचे के इस व्यापक विस्तार को पर्यावरण के अनुकूल और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रेल मंत्रालय की इन परियोजनाओं से निर्माण के दौरान और उसके बाद हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूती प्रदान करते हुए, ये परियोजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेंगी और उत्तर प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्य आर्थिक केंद्रों से जोड़कर क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में सहायक सिद्ध होंगी।

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