UP News: यूपी में अबतक 1,067 ट्रांसजेंडर लोगों को पहचान पत्र दिया गया है। साथ ही, 248 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी मिली है। इससे वे पढ़ाई करते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं।
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य अब ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड देगा, जिससे वे भी सस्ता राशन पा सकेंगे। इस निर्णय के तहत राज्य भर में एक विशेष अभियान चलाकर उन ट्रांसजेंडर लोगों की पहचान की जाएगी जो अभी तक राशन कार्ड नहीं पाते हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी जिलों के पूर्ति अधिकारियों को खाद्य एवं रसद विभाग से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि वे ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी योग्य लोगों को सूचीबद्ध करें और उन्हें “पात्र गृहस्थी” श्रेणी में शामिल करें. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम। ताकि योग्य लोगों को योजना से वंचित न किया जाए, अभियान को तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या यह निर्णय इतना विशिष्ट है?
उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने कहा कि राज्य में एक बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिक अभी भी सरकारी सुविधाओं, नौकरी और शिक्षा से दूर हैं। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, वे मुफ्त या सस्ता राशन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि समाज के किसी भी वर्ग को, उसकी कुछ भी पहचान हो, सरकारी कार्यक्रमों से वंचित नहीं किया जाए। राशन कार्ड मिलने से ट्रांसजेंडर नागरिकों को भोजन की सुरक्षा मिलेगी और वे मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जुड़ पाएंगे।
छात्रवृत्ति और पहचान पत्र भी मिल रहे हैं
उत्तर प्रदेश में अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर लोगों को पहचान पत्र दिए गए हैं। साथ ही, 248 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी मिली है। इससे वे पढ़ाई करते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं।
वृद्ध ट्रांसजेंडर की देखभाल और आश्रय
60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर लोगों के लिए राज्य सरकार ने वृद्धाश्रम की सुविधा भी शुरू की है। यहां रहने, भोजन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा जांच और मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधाएं भी मिलेंगी।
ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल भी कर रही मदद
सरकार ने हर जिले में ट्रांसजेंडर सुरक्षा केंद्र बनाया है, जो उनकी परेशानियों को हल करता है। यह सेल जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करती है।
सुप्रीम कोर्ट की दिशानिर्देशों के अनुसार उठाया गया
2014 में, भारत की सर्वोच्च अदालत ने ट्रांसजेंडर समुदाय को “थर्ड जेंडर” की मान्यता दी और सरकारों को निर्देश दिया कि वे इस समुदाय को समान कार्यक्रमों और अधिकारों का लाभ दें। योगी सरकार ने इसी दिशा में कई योजनाएं बनाई हैं। जैसे गरिमा घर, वृद्धाश्रम, छात्रवृत्ति, पहचान पत्र और वर्तमान में राशन कार्ड योजनाएं।
योगी सरकार का यह निर्णय समाज के एक ऐसे वर्ग के लिए आशा की एक नई किरण है जो लंबे समय से उपेक्षा का सामना कर रहा था। यह कदम प्रदर्शित करता है कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास” का सिद्धांत लागू करने में सक्षम है। अब ट्रांसजेंडर समुदाय को राशन कार्ड से लेकर छात्रवृत्ति और आश्रय तक एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।
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